गोरखपुर विश्वविद्यालय के अलकनंदा गर्ल्स हॉस्टल में शनिवार रात छात्राओं के खाने में कीड़ा मिलने के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई की है। शिकायत मिलने के बाद रविवार सुबह विश्वविद्यालय की टीम ने हॉस्टल के मेस की जांच की। जांच में शनिवार रात परोसे गए खाने में कीड़ा मिलने की शिकायत की पुष्टि हुई। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने वर्तमान कैटरर को हटा दिया है। सोमवार से नए कैटरर द्वारा मेस का संचालन शुरू कराया जाएगा। देखिए 2 तस्वीरें अब पढिए पूरा मामला… शनिवार रात अलकनंदा गर्ल्स हॉस्टल में भोजन के दौरान एक छात्रा की थाली में रखी बैंगन की कलौजी की बाहरी सतह पर बरसाती कीड़ा मिला। इसके बाद छात्राओं ने इसकी तस्वीरें साझा कीं और हॉस्टल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर सवाल उठाए। छात्राओं का आरोप था कि शिकायत के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने रविवार सुबह इसका संज्ञान लिया और जांच के लिए टीम हॉस्टल भेजी। जांच में शिकायत की हुई पुष्टि विश्वविद्यालय की टीम ने अलकनंदा गर्ल्स हॉस्टल के मेस में पहुंचकर भोजन और भोजन तैयार करने की व्यवस्था की जांच की। टीम ने अलग-अलग पहलुओं की जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट में खाने में कीड़ा मिलने की शिकायत की पुष्टि की। जांच के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से वर्तमान कैटरर को हटा दिया। प्रशासन के अनुसार सोमवार से नए कैटरर को मेस की जिम्मेदारी दी जाएगी। मेस सेवाओं के लिए नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया भी पहले से चल रही है। छात्राओं की मांग पर मेनू में शामिल की गई थी बैंगन की कलौजी वार्डन के अनुसार छात्राओं की मांग और उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेनू में नियमित रूप से हरी और स्वास्थ्यवर्धक सब्जियों को शामिल किया जाता है। बरसात के मौसम को देखते हुए सब्जियों की साफ-सफाई और जरूरी जांच के बाद ही उन्हें भोजन में इस्तेमाल कराया जाता है। इसी क्रम में छात्राओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए मेनू में बैंगन की कलौजी को भी शामिल किया गया था। करीब 120 छात्राओं और कर्मचारियों के लिए लगभग 250 कलौजियां तैयार की गई थीं। भोजन के दौरान एक छात्रा की थाली में रखी एक कलौजी की बाहरी सतह पर कीड़ा मिलने की शिकायत सामने आई। शिकायत के बाद कैटरर पर कार्रवाई मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच कराई। शिकायत की पुष्टि होने के बाद वर्तमान कैटरर को हटा दिया गया। प्रशासन का कहना है कि छात्राओं की सुविधा और उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेस व्यवस्था में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। सोमवार से नए कैटरर द्वारा मेस सेवाओं का संचालन शुरू कराया जाएगा। साथ ही मेस के लिए नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया भी जारी है। छात्राओं की समिति करती है भोजन की निगरानी हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई की निगरानी के लिए मेस कमेटी के अंतर्गत छात्राओं की एक सक्रिय समिति भी गठित है। यह समिति नियमित रूप से भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और मेस की व्यवस्था पर नजर रखती है। समिति की ओर से भोजन से जुड़ी किसी भी समस्या की जानकारी हॉस्टल प्रशासन को दी जाती है, ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें। विश्वविद्यालय ने कहा- भोजन की गुणवत्ता से समझौता नहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्राओं को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और स्वास्थ्यवर्धक भोजन उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है। भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की गई है। भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और मेस व्यवस्था की निगरानी पहले से अधिक कड़ाई से की जाएगी। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने भी दिए थे निर्देश
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी छात्रावास की स्थिति और वहां उपलब्ध सुविधाओं को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को व्यवस्थाएं बेहतर करने के निर्देश दिए थे। ऐसे में अलकनंदा गर्ल्स हॉस्टल में एक बार फिर खाने में कीड़ा मिलने की शिकायत ने हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

