शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 समेत अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। 18 अगस्त से शुरू हुआ ‘न्याय सत्याग्रह’ रविवार को 5वें दिन भी जारी रहा। रातभर बड़ी संख्या में छात्र धरनास्थल पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसी बीच शनिवार रात छात्र नेता दिलीप कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें गर्दनीबाग अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, दिलीप कुमार के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद धरनास्थल पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है।
दिलीप कुमार के अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी आंदोलन जारी छात्र नेता दिलीप कुमार की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार रात गर्दनीबाग अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद छात्र धरनास्थल से नहीं हटे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना होगा कि छात्रों के आंदोलन और सरकार के बीच गतिरोध किस तरह खत्म होता है और TRE-4 समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं। दो छात्र आंदोलनों को एक करने की अपील शनिवार को गर्दनीबाग धरनास्थल पर ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक और शिक्षक रौशन आनंद भी पहुंचे। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और आंदोलन को लेकर अपनी बात रखी। रौशन आनंद ने कहा कि छात्र हित में जो भी होगा, वह उसके लिए खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस समय छात्र दो अलग-अलग गुटों में आंदोलन कर रहे हैं और दोनों की मांगें लगभग एक जैसी हैं। ऐसे में छात्रों के हित में दोनों आंदोलनों को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने छात्र नेता दिलीप कुमार और अमन कुमार से साथ आने की अपील की। रौशन आनंद बोले- ‘दिलीप जी, हम आपके आगे हाथ जोड़ते हैं’ रौशन आनंद ने धरनास्थल से छात्र नेताओं से आंदोलन को एक करने की अपील करते हुए कहा कि दिलीप कुमार, छात्र नेता सौरभ और अमन कुमार समेत सभी को एक साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब छात्र गर्दनीबाग धरनास्थल पर पहुंचते हैं तो उन्हें यह समझने में परेशानी होती है कि किस आंदोलन में शामिल हों। उन्होंने कहा कि दोनों आंदोलनों की मांग एक ही है, इसलिए छात्रों के हित में सभी नेताओं को एक मंच पर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि “छात्र हित में जो होगा, मैं वो करूंगा। मैं छात्रों के समर्थन में खड़ा हूं।” दो गुटों में आंदोलन, अब एक होना जरूरी- रौशन आनंद रौशन आनंद ने कहा कि छात्रों का आंदोलन दो हिस्सों में बंटा हुआ है। उन्होंने कहा कि छात्र नेता दिलीप कुमार और अमन कुमार को एक साथ आना होगा। उनके मुताबिक, आंदोलन जितना एकजुट होगा, छात्रों की मांग उतनी मजबूती से सरकार के सामने रखी जा सकेगी। उन्होंने छात्रों से भी आंदोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। 18 अगस्त से जारी है ‘न्याय सत्याग्रह’ TRE-4 समेत अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों ने 18 अगस्त से गर्दनीबाग में ‘न्याय सत्याग्रह’ शुरू किया था। पांचवें दिन भी आंदोलन जारी रहा। धरनास्थल पर रातभर बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार और संबंधित आयोग से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री बोले- सभी मांगें पूरी करना संभव नहीं इधर, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने छात्रों की मांगों को लेकर कहा है कि छात्र जितनी मांगें कर रहे हैं, उन सभी को पूरा करना संभव नहीं है। उन्होंने TRE-4 में दो परीक्षाएं लिए जाने के मुद्दे पर कहा कि दो परीक्षाएं कराने का निर्णय BPSC का है। इसका शिक्षा विभाग से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में एक तरफ छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे हैं, वहीं सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया जा रहा है कि TRE-4 की परीक्षा को लेकर लिए गए कुछ फैसले शिक्षा विभाग के स्तर पर नहीं लिए गए हैं। तेजस्वी यादव ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया आंदोलन को अब नेताओं और शिक्षकों का भी समर्थन मिलने लगा है। शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की थी। शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंदोलनकारी छात्रों से मिलने के बाद कहा, “छात्रों की मांग जायज है। सरकार तत्काल संज्ञान लेकर मांग पूरी करे।” तेजस्वी यादव ने कहा कि BPSC की ओर से आयोजित AEDO, सैनिटरी समेत विभिन्न रद्द परीक्षाओं की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। तेजस्वी यादव ने BSSC की इंटरमीडिएट, CGL, ASO और BSO समेत लंबित परीक्षाओं को जल्द आयोजित करने की मांग की। उन्होंने TRE-4 में पूर्व की परीक्षाओं की तरह एकल परीक्षा कराने और ‘One Candidate, One Result’ की व्यवस्था लागू करने की मांग की। इसके अलावा, भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र, उत्तर-कुंजी और OMR शीट अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने, लाइब्रेरियन और लंबित लेखपाल भर्ती पूरी करने तथा भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग की है। TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी, फिर भी आंदोलन जारी बिहार सरकार की ओर से TRE-4 का विज्ञापन जारी कर दिया गया है। इसके तहत कुल 32,388 शिक्षकों की भर्ती होनी है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि विज्ञापन जारी होने के बावजूद उनकी मुख्य मांगों का समाधान नहीं हुआ है। सबसे बड़ी मांग TRE-4 में PT और Mains की व्यवस्था खत्म कर सिर्फ एक परीक्षा कराने की है। इसके साथ ही निगेटिव मार्किंग हटाने और डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी की जा रही है। बिहार स्टूडेंट यूनियन ने CM को लिखा पत्र इस बीच बिहार स्टूडेंट यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर TRE-4 में एकल परीक्षा कराने समेत कई मांगें रखी गई हैं। यूनियन ने कहा कि TRE-4 के विज्ञापन को लेकर पिछले दो सालों से शिक्षा विभाग और बिहार सरकार की ओर से लगातार आश्वासन दिया जा रहा था। 15 लाख से अधिक अभ्यर्थी इससे परेशान और निराश हैं। यूनियन ने TRE-4 में पहले की तरह एक परीक्षा कराने और निगेटिव मार्किंग हटाने की मांग की है। साथ ही BSSC की परीक्षाओं में संविदा वेटेज हटाने, परीक्षा की तारीख जल्द घोषित करने, LET और BET कराने तथा AEDO परीक्षा की तारीख जारी करने की मांग की है। इसके अलावा BPSC सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव रोकने और दारोगा, सिपाही, BSSC समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। छात्रों का कहना है कि TRE-4 में एकल परीक्षा कराई जाए और परीक्षा प्रक्रिया में कोई नया बदलाव करना है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए। छात्रों की मांग- नया प्रयोग TRE-5 से किया जाए आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि TRE-1, TRE-2 और TRE-3 में एक ही परीक्षा के आधार पर भर्ती हुई थी। ऐसे में TRE-4 में PT और Mains की व्यवस्था लागू करना उचित नहीं है। छात्रों का कहना है कि सरकार यदि परीक्षा प्रक्रिया में कोई नया प्रयोग करना चाहती है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए। छात्रों को डर है कि PT और Mains की प्रक्रिया के कारण भर्ती में और देरी हो सकती है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि TRE-4 के विज्ञापन को लेकर पिछले दो साल से शिक्षा विभाग और सरकार की ओर से आश्वासन दिया जा रहा था। आंदोलन शुरू होने के बाद विज्ञापन जारी किया गया, लेकिन अब दो परीक्षाओं की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि TRE-1, 2 और 3 में ऐसा नहीं था। शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 समेत अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। 18 अगस्त से शुरू हुआ ‘न्याय सत्याग्रह’ रविवार को 5वें दिन भी जारी रहा। रातभर बड़ी संख्या में छात्र धरनास्थल पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इसी बीच शनिवार रात छात्र नेता दिलीप कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें गर्दनीबाग अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, दिलीप कुमार के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद धरनास्थल पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है।
दिलीप कुमार के अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी आंदोलन जारी छात्र नेता दिलीप कुमार की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार रात गर्दनीबाग अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद छात्र धरनास्थल से नहीं हटे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना होगा कि छात्रों के आंदोलन और सरकार के बीच गतिरोध किस तरह खत्म होता है और TRE-4 समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं। दो छात्र आंदोलनों को एक करने की अपील शनिवार को गर्दनीबाग धरनास्थल पर ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक और शिक्षक रौशन आनंद भी पहुंचे। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और आंदोलन को लेकर अपनी बात रखी। रौशन आनंद ने कहा कि छात्र हित में जो भी होगा, वह उसके लिए खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस समय छात्र दो अलग-अलग गुटों में आंदोलन कर रहे हैं और दोनों की मांगें लगभग एक जैसी हैं। ऐसे में छात्रों के हित में दोनों आंदोलनों को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने छात्र नेता दिलीप कुमार और अमन कुमार से साथ आने की अपील की। रौशन आनंद बोले- ‘दिलीप जी, हम आपके आगे हाथ जोड़ते हैं’ रौशन आनंद ने धरनास्थल से छात्र नेताओं से आंदोलन को एक करने की अपील करते हुए कहा कि दिलीप कुमार, छात्र नेता सौरभ और अमन कुमार समेत सभी को एक साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब छात्र गर्दनीबाग धरनास्थल पर पहुंचते हैं तो उन्हें यह समझने में परेशानी होती है कि किस आंदोलन में शामिल हों। उन्होंने कहा कि दोनों आंदोलनों की मांग एक ही है, इसलिए छात्रों के हित में सभी नेताओं को एक मंच पर आना चाहिए। उन्होंने कहा कि “छात्र हित में जो होगा, मैं वो करूंगा। मैं छात्रों के समर्थन में खड़ा हूं।” दो गुटों में आंदोलन, अब एक होना जरूरी- रौशन आनंद रौशन आनंद ने कहा कि छात्रों का आंदोलन दो हिस्सों में बंटा हुआ है। उन्होंने कहा कि छात्र नेता दिलीप कुमार और अमन कुमार को एक साथ आना होगा। उनके मुताबिक, आंदोलन जितना एकजुट होगा, छात्रों की मांग उतनी मजबूती से सरकार के सामने रखी जा सकेगी। उन्होंने छात्रों से भी आंदोलन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। 18 अगस्त से जारी है ‘न्याय सत्याग्रह’ TRE-4 समेत अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों ने 18 अगस्त से गर्दनीबाग में ‘न्याय सत्याग्रह’ शुरू किया था। पांचवें दिन भी आंदोलन जारी रहा। धरनास्थल पर रातभर बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। छात्र अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार और संबंधित आयोग से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। शिक्षा मंत्री बोले- सभी मांगें पूरी करना संभव नहीं इधर, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने छात्रों की मांगों को लेकर कहा है कि छात्र जितनी मांगें कर रहे हैं, उन सभी को पूरा करना संभव नहीं है। उन्होंने TRE-4 में दो परीक्षाएं लिए जाने के मुद्दे पर कहा कि दो परीक्षाएं कराने का निर्णय BPSC का है। इसका शिक्षा विभाग से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में एक तरफ छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे हैं, वहीं सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया जा रहा है कि TRE-4 की परीक्षा को लेकर लिए गए कुछ फैसले शिक्षा विभाग के स्तर पर नहीं लिए गए हैं। तेजस्वी यादव ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया आंदोलन को अब नेताओं और शिक्षकों का भी समर्थन मिलने लगा है। शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की थी। शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आंदोलनकारी छात्रों से मिलने के बाद कहा, “छात्रों की मांग जायज है। सरकार तत्काल संज्ञान लेकर मांग पूरी करे।” तेजस्वी यादव ने कहा कि BPSC की ओर से आयोजित AEDO, सैनिटरी समेत विभिन्न रद्द परीक्षाओं की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। तेजस्वी यादव ने BSSC की इंटरमीडिएट, CGL, ASO और BSO समेत लंबित परीक्षाओं को जल्द आयोजित करने की मांग की। उन्होंने TRE-4 में पूर्व की परीक्षाओं की तरह एकल परीक्षा कराने और ‘One Candidate, One Result’ की व्यवस्था लागू करने की मांग की। इसके अलावा, भर्ती परीक्षाओं में प्रश्नपत्र, उत्तर-कुंजी और OMR शीट अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने, लाइब्रेरियन और लंबित लेखपाल भर्ती पूरी करने तथा भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग की है। TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी, फिर भी आंदोलन जारी बिहार सरकार की ओर से TRE-4 का विज्ञापन जारी कर दिया गया है। इसके तहत कुल 32,388 शिक्षकों की भर्ती होनी है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, परीक्षा की तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि विज्ञापन जारी होने के बावजूद उनकी मुख्य मांगों का समाधान नहीं हुआ है। सबसे बड़ी मांग TRE-4 में PT और Mains की व्यवस्था खत्म कर सिर्फ एक परीक्षा कराने की है। इसके साथ ही निगेटिव मार्किंग हटाने और डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी की जा रही है। बिहार स्टूडेंट यूनियन ने CM को लिखा पत्र इस बीच बिहार स्टूडेंट यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर TRE-4 में एकल परीक्षा कराने समेत कई मांगें रखी गई हैं। यूनियन ने कहा कि TRE-4 के विज्ञापन को लेकर पिछले दो सालों से शिक्षा विभाग और बिहार सरकार की ओर से लगातार आश्वासन दिया जा रहा था। 15 लाख से अधिक अभ्यर्थी इससे परेशान और निराश हैं। यूनियन ने TRE-4 में पहले की तरह एक परीक्षा कराने और निगेटिव मार्किंग हटाने की मांग की है। साथ ही BSSC की परीक्षाओं में संविदा वेटेज हटाने, परीक्षा की तारीख जल्द घोषित करने, LET और BET कराने तथा AEDO परीक्षा की तारीख जारी करने की मांग की है। इसके अलावा BPSC सिविल सेवा परीक्षा में हिंदी भाषी अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव रोकने और दारोगा, सिपाही, BSSC समेत सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। छात्रों का कहना है कि TRE-4 में एकल परीक्षा कराई जाए और परीक्षा प्रक्रिया में कोई नया बदलाव करना है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए। छात्रों की मांग- नया प्रयोग TRE-5 से किया जाए आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि TRE-1, TRE-2 और TRE-3 में एक ही परीक्षा के आधार पर भर्ती हुई थी। ऐसे में TRE-4 में PT और Mains की व्यवस्था लागू करना उचित नहीं है। छात्रों का कहना है कि सरकार यदि परीक्षा प्रक्रिया में कोई नया प्रयोग करना चाहती है तो उसे TRE-5 से लागू किया जाए। छात्रों को डर है कि PT और Mains की प्रक्रिया के कारण भर्ती में और देरी हो सकती है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि TRE-4 के विज्ञापन को लेकर पिछले दो साल से शिक्षा विभाग और सरकार की ओर से आश्वासन दिया जा रहा था। आंदोलन शुरू होने के बाद विज्ञापन जारी किया गया, लेकिन अब दो परीक्षाओं की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि TRE-1, 2 और 3 में ऐसा नहीं था।

