चित्रकूट में सावन माह के चौथे सोमवार को राजाधिराज मत्तगजेंद्रनाथ की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी। रामघाट से शुरू होने वाली इस पारंपरिक यात्रा में संत-महंत, विभिन्न अखाड़ों के निशान, वेदपाठी छात्र और हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। यात्रा को लेकर मंदिर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीपदास महाराज ने बताया कि सावन के चौथे सोमवार को राजाधिराज की पालकी यात्रा वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। भगवान भोलेनाथ पालकी में सवार होकर छोटी परिक्रमा करेंगे। यात्रा को भव्य बनाने के लिए ढोल-ताशों के साथ डीजे की भी व्यवस्था की गई है। संत-महंत और अखाड़ों के निशान यात्रा की शोभा बढ़ाएंगे। वेदपाठी छात्र भी इसमें शामिल होंगे। रामघाट पर होगा पूजन-अर्चन मंदिर के पुजारी विपिन बिहारी महाराज ने बताया कि पालकी में विराजमान भगवान भोलेनाथ का रामघाट पर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया जाएगा। इसके बाद पालकी यात्रा आगे बढ़ेगी। सावन के महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना का महत्व माना जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि सावन में राजाधिराज मत्तगजेंद्रनाथ भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शाम 4 बजे रामघाट पहुंचने की अपील की है। दो दिन पहले से शुरू हुई तैयारियां पालकी यात्रा को लेकर मंदिर प्रशासन ने दो दिन पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंदिर परिसर को सजाया जा रहा है। विशेष आरती और पूजन की तैयारियां भी की गई हैं। यात्रा में शामिल होने वाले भक्तों के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी रहेगी। मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

