जाली नोट, ड्रग्स, हथियार तस्करी रोकने पर रणनीति:भारत-नेपाल बॉर्डर पर सख्ती, DM ने भिट्ठामोड़ ICP का जायजा लिया

जाली नोट, ड्रग्स, हथियार तस्करी रोकने पर रणनीति:भारत-नेपाल बॉर्डर पर सख्ती, DM ने भिट्ठामोड़ ICP का जायजा लिया

भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से शनिवार को जलेश्वर नगरपालिका सभाकक्ष में इंडो-नेपाल बॉर्डर डिस्ट्रिक्ट समन्वय समिति की बैठक हुई। इसमें सीतामढ़ी के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया और एसपी अमित रंजन सहित भारत और नेपाल के सीमावर्ती जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… एसएसबी की 51वीं-20वीं बटालियन के अधिकारी मौजूद बैठक की अध्यक्षता महोत्तरी के चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर इंद्रदेव यादव ने की। सर्लाही के सीडीओ विजयाराज सुबेदी, रौतहट के सीडीओ दिनेश सागर भुसाल, तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षक, एसएसबी की 51वीं और 20वीं बटालियन के अधिकारी तथा अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में जाली नोटों के कारोबार, अवैध हथियार, ड्रग्स, नारकोटिक्स, शराब और तंबाकू सहित प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर गहन चर्चा हुई। दोनों देशों के अधिकारियों ने अपराधों पर संयुक्त कार्रवाई दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा पार अपराधों पर संयुक्त कार्रवाई, संदिग्ध व्यक्तियों और विदेशी नागरिकों की अवैध आवाजाही रोकने तथा सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर सहमति व्यक्त की। मोस्ट वांटेड अपराधियों की धरपकड़ और मानव तस्करी रोकने के लिए भी समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया गया। नो-मैन्स लैंड में अतिक्रमण, सीमा स्तंभों की सुरक्षा पर चर्चा इसके अतिरिक्त, नो-मैन्स लैंड में अतिक्रमण, सीमा स्तंभों की सुरक्षा और सीमा क्षेत्र की अन्य समस्याओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने सीमावर्ती थानों और सुरक्षा एजेंसियों को छोटी घटनाओं पर भी तत्काल कार्रवाई करने और पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। बैठक के बाद, जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने भिट्ठामोड़ भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के संबंध में जानकारी ली। डीएम ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को तय अवधि में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भिट्ठामोड़ ICP की अनुमानित लागत 349 करोड़ 70 लाख रुपये है और इसे तीन वर्ष की निर्धारित अवधि में पूरा किया जाना है। इस ICP के बनने से भारत-नेपाल सीमा पर आवागमन, व्यापार और सुरक्षा व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होने की उम्मीद है। साथ ही, सीमा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ने तथा अवैध गतिविधियों की निगरानी में भी सहायता मिलेगी। भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से शनिवार को जलेश्वर नगरपालिका सभाकक्ष में इंडो-नेपाल बॉर्डर डिस्ट्रिक्ट समन्वय समिति की बैठक हुई। इसमें सीतामढ़ी के जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया और एसपी अमित रंजन सहित भारत और नेपाल के सीमावर्ती जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… एसएसबी की 51वीं-20वीं बटालियन के अधिकारी मौजूद बैठक की अध्यक्षता महोत्तरी के चीफ डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर इंद्रदेव यादव ने की। सर्लाही के सीडीओ विजयाराज सुबेदी, रौतहट के सीडीओ दिनेश सागर भुसाल, तीनों जिलों के पुलिस अधीक्षक, एसएसबी की 51वीं और 20वीं बटालियन के अधिकारी तथा अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में जाली नोटों के कारोबार, अवैध हथियार, ड्रग्स, नारकोटिक्स, शराब और तंबाकू सहित प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर गहन चर्चा हुई। दोनों देशों के अधिकारियों ने अपराधों पर संयुक्त कार्रवाई दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा पार अपराधों पर संयुक्त कार्रवाई, संदिग्ध व्यक्तियों और विदेशी नागरिकों की अवैध आवाजाही रोकने तथा सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर सहमति व्यक्त की। मोस्ट वांटेड अपराधियों की धरपकड़ और मानव तस्करी रोकने के लिए भी समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया गया। नो-मैन्स लैंड में अतिक्रमण, सीमा स्तंभों की सुरक्षा पर चर्चा इसके अतिरिक्त, नो-मैन्स लैंड में अतिक्रमण, सीमा स्तंभों की सुरक्षा और सीमा क्षेत्र की अन्य समस्याओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने सीमावर्ती थानों और सुरक्षा एजेंसियों को छोटी घटनाओं पर भी तत्काल कार्रवाई करने और पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। बैठक के बाद, जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया ने भिट्ठामोड़ भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा के संबंध में जानकारी ली। डीएम ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को तय अवधि में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भिट्ठामोड़ ICP की अनुमानित लागत 349 करोड़ 70 लाख रुपये है और इसे तीन वर्ष की निर्धारित अवधि में पूरा किया जाना है। इस ICP के बनने से भारत-नेपाल सीमा पर आवागमन, व्यापार और सुरक्षा व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होने की उम्मीद है। साथ ही, सीमा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ने तथा अवैध गतिविधियों की निगरानी में भी सहायता मिलेगी।  

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