नियोजित शिक्षकों ने दो माह से वेतन न मिलने के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। बिहार राज्य शिक्षक संघ के आह्वान पर दर्जनों शिक्षकों ने बीआरसी से चांदनी चौक तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मदन कुमार सिंह ने बताया कि एक ही विद्यालय में कार्य कर रहे विशिष्ट और बीपीएससी शिक्षकों को हर महीने की पहली तारीख को वेतन मिल जाता है, लेकिन नियोजित शिक्षकों को पिछले दो महीने से मानदेय नहीं दिया गया है। उन्होंने सरकार की इस भेदभावपूर्ण नीति पर कड़ा ऐतराज जताया। संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि वेतन न मिलने से शिक्षकों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। कई शिक्षक व शिक्षिकाएं बीमार हैं और पैसों के अभाव में इलाज कराने में असमर्थ हैं। बच्चों की फीस देने और घर का खर्च चलाने के लिए उन्हें कर्ज लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है। शिक्षकों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे जिला शिक्षा पदाधिकारी और शिक्षा मंत्री से भी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सभी नियोजित शिक्षकों का बकाया वेतन एक साथ जारी नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और अधिक तेज करने के लिए बाध्य होंगे। नियोजित शिक्षकों ने दो माह से वेतन न मिलने के विरोध में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। बिहार राज्य शिक्षक संघ के आह्वान पर दर्जनों शिक्षकों ने बीआरसी से चांदनी चौक तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मदन कुमार सिंह ने बताया कि एक ही विद्यालय में कार्य कर रहे विशिष्ट और बीपीएससी शिक्षकों को हर महीने की पहली तारीख को वेतन मिल जाता है, लेकिन नियोजित शिक्षकों को पिछले दो महीने से मानदेय नहीं दिया गया है। उन्होंने सरकार की इस भेदभावपूर्ण नीति पर कड़ा ऐतराज जताया। संघ के प्रतिनिधियों ने कहा कि वेतन न मिलने से शिक्षकों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। कई शिक्षक व शिक्षिकाएं बीमार हैं और पैसों के अभाव में इलाज कराने में असमर्थ हैं। बच्चों की फीस देने और घर का खर्च चलाने के लिए उन्हें कर्ज लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है। शिक्षकों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे जिला शिक्षा पदाधिकारी और शिक्षा मंत्री से भी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सभी नियोजित शिक्षकों का बकाया वेतन एक साथ जारी नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और अधिक तेज करने के लिए बाध्य होंगे।

