Amroha Flood News: अमरोहा में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी अमरोहा डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक अमरोहा लखन सिंह यादव ने तिगरी गंगा घाट और ब्रजघाट का बोट के माध्यम से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा एवं राहत-बचाव व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
बाढ़ की आशंका पर फोकस
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गंगा के वाटर फ्लो लेवल और संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर की गई तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि यदि अचानक जलस्तर बढ़ता है या बाढ़ जैसी परिस्थिति उत्पन्न होती है तो प्रभावित लोगों तक बिना किसी देरी के राहत पहुंचाई जा सके और जरूरत पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जा सके।
रेस्क्यू बोट का रिस्पांस टाइम जांचा

DM और SP ने रेस्क्यू बोट की तैयारियों को भी परखा। इस दौरान यह देखा गया कि किसी आपात स्थिति में रेस्क्यू बोट कितनी तेजी से घटनास्थल तक पहुंच सकती है। अधिकारियों ने संबंधित टीमों को निर्देश दिए कि बचाव अभियान के लिए इस्तेमाल होने वाले सभी संसाधन हर समय चालू हालत में और तत्काल उपयोग के लिए तैयार रहें।
पुलिस और विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश
जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल और संबंधित विभागों को लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। प्रशासनिक अमले को स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई करने के लिए तैयार रहने को कहा गया।
कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
कांवड़ यात्रा को देखते हुए गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए। किसी भी आपात स्थिति में कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू टीमों को पूरी तरह तैयार रखा जाए।
राहत-बचाव संसाधनों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान घाटों पर उपलब्ध रेस्क्यू संसाधनों और राहत-बचाव व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि जरूरत पड़ने पर बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जा सके। अधिकारियों ने संबंधित टीमों को अपने-अपने संसाधनों की उपलब्धता और कार्यक्षमता लगातार जांचते रहने के निर्देश दिए।
विभागों में बेहतर तालमेल पर जोर
DM और SP ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा और संभावित बाढ़ जैसी परिस्थितियों में अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। किसी भी घटना की स्थिति में पुलिस, प्रशासन और राहत-बचाव टीमों को एक साथ तेजी से कार्रवाई करनी होगी।
प्रशासन ने की पूरी तैयारी
अमरोहा प्रशासन की इस कवायद का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ संभावित बाढ़ से निपटने के लिए पहले से मजबूत व्यवस्था तैयार रखना है। तिगरी गंगा घाट और ब्रजघाट पर निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने संबंधित टीमों को लगातार अलर्ट मोड में रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल रेस्क्यू एवं राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

