Sambhajinagar hill incident: छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके में स्थित खवड्या पहाड़ पर माता-पिता और बेटे की खाई में गिरकर मौत के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि iPhone और मोबाइल की किस्त को लेकर हुए विवाद के कारण कुणाल ने यह खौफनाक कदम उठाया। हालांकि, पुलिस ने इन चर्चाओं को अफवाह बताते हुए स्पष्ट किया है कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है, जिससे यह कहा जा सके कि घटना के पीछे iPhone या मोबाइल की किस्त ही वजह थी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने आपातकालीन नंबर 112 पर फोन किया था। इसके बाद MIDC वालुज पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने करीब पांच घंटे तक कुणाल को समझाने और उसे शांत करने की कोशिश की। इसी दौरान उसकी मां भी लगातार उससे बातचीत कर रही थीं और उसे भरोसा दिला रही थीं कि अगर वह किसी परेशानी में है तो परिवार मिलकर उसका समाधान निकाल सकता है।
छत्रपति संभाजीनगर के पुलिस उपायुक्त रत्नाकर नवले ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों में से किसी ने कुणाल को शांत कराने के लिए यह तक कहा था कि जरूरत हो तो उसे मोबाइल लेकर दिया जा सकता है। पुलिस के मुताबिक, इसी बातचीत के आधार पर सोशल मीडिया पर यह दावा फैल गया कि कुणाल ने iPhone के लिए आत्महत्या की। पुलिस ने साफ किया है कि केवल मौके पर कही गई एक बात के आधार पर आत्महत्या की वजह तय नहीं की जा सकती।
परिवार में कोई प्रत्यक्ष गवाह नहीं बचा
पुलिस के सामने इस मामले की जांच में एक बड़ी चुनौती यह भी है कि घटना में कुणाल, उसके पिता और मां तीनों की मौत हो चुकी है। ऐसे में परिवार के भीतर क्या चल रहा था, कुणाल किस परेशानी से गुजर रहा था और उसका किसी से कोई विवाद था या नहीं, इसकी जानकारी देने वाला कोई प्रत्यक्ष गवाह अब मौजूद नहीं है। पुलिस का कहना है कि कुणाल तनाव में था, लेकिन उसके तनाव की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
डीसीपी रत्नाकर नवले ने कहा कि आत्महत्या के पीछे एक कारण था या कई पारिवारिक और आर्थिक वजहें, यह जांच पूरी होने के बाद ही पता चल सकेगा। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल iPhone या मोबाइल की किस्त को इस घटना की वजह बताना जल्दबाजी होगी और मामले की जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा।

