मेरठ में बुलडोजर और ट्रैक्टर के बीच आंदोलन- रविंद्र गुर्जर:शास्त्रीनगर में स्थानीय लोगों को स्कूल, अस्पताल संचालक और व्यापारियों का समर्थन

मेरठ में बुलडोजर और ट्रैक्टर के बीच आंदोलन- रविंद्र गुर्जर:शास्त्रीनगर में स्थानीय लोगों को स्कूल, अस्पताल संचालक और व्यापारियों का समर्थन

मेरठ के सेंट्रल मार्केट में भवनों और दुकानों पर हो रही कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने आंदोलन तेज करते हुए आगामी 2 सितंबर से नई रणनीति के तहत आवास विकास के विरोध का ऐलान किया है । शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि 20 अगस्त को अधिकारियों के रवैये के विरोध में व्यापारियों, आईएमए से जुड़े चिकित्सकों और स्कूल संचालकों ने आंदोलन किया था। इसके बाद अधिकारियों ने वार्ता कर 21 अगस्त तक किसी मकान को नहीं तोड़ने और सीलिंग की कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया था। व्यापारियों का आरोप है कि अगले ही दिन अधिकारियों ने दुकानदारों को बुलाकर कार्रवाई की चेतावनी दी और खुद निर्माण हटाने को कहा। एक अधिकारी द्वारा दो घंटे में कॉम्प्लेक्सों पर बुलडोजर चलाने की बात कहे जाने का भी आरोप लगाया गया। व्यापारियों की और से अब आंदोलन के अध्यक्ष नियुक्त किए गए जंगदंबा अस्पताल के संचालक रविंद्र गुर्जर ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं, लेकिन आदेश की आड़ में लोगों को बेघर करने का विरोध करेंगे। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों में सरकार से उचित नीति बनाने और प्रभावित लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करने की बात कही गई है। व्यापारियों ने सरकार से 2025 में बनाई गई नीति को लागू करने की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि सेंट्रल मार्केट मेरठ की प्रमुख बाजारों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है। कार्रवाई से व्यापारी और उनके परिवार प्रभावित हो रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेतावनी दी गई कि अब आंदोलन केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं रहेगा। किसान और व्यापारी परिवारों के लोग भी इसमें शामिल होंगे। व्यापारियों ने कहा कि उनका आंदोलन अब रोजी, रोजगार और मकान के मुद्दे पर होगा। व्यापारियों ने ऐलान किया कि दो सितंबर को बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। सेंट्रल मार्केट के अधिवक्ता ने भी मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश और कानूनी स्थिति की जानकारी देने की बात कही।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *