औरंगाबाद के बारूण-नवीनगर पथ के 11वें किलोमीटर में ग्राम मेंह के पास सोन उच्चस्तरीय नहर पर स्थित क्षतिग्रस्त उच्चस्तरीय पुल से भारी वाहनों के परिचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर प्रशासन ने पुल की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया है। पुल की वर्तमान स्थिति को देखते हुए भारी वाहनों के आवागमन को पूरी तरह रोकने का निर्देश दिया गया है, ताकि दुर्घटना की आशंका को टाला जा सके। पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल-01, औरंगाबाद के कार्यपालक अभियंता द्वारा पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना दिए जाने के बाद जिला प्रशासन ने वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू की है। एनटीपीसी एवं बीआरबीसीएल, नवीनगर से निकलने वाले तथा जपला की ओर से आने वाले भारी वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से परिचालित कराने की व्यवस्था की गई है। अंबा में बढ़ा बड़े वाहनों का दबाव मेंह पुल से भारी वाहनों का परिचालन बंद होने के बाद नवीनगर रोड और अंबा होते हुए औरंगाबाद की ओर वाहनों का आवागमन बढ़ गया है। खासकर नवीनगर की ओर से आने वाले बड़े वाहनों के कारण अंबा चौक पर जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। बड़े वाहनों को अंबा चौक से औरंगाबाद की ओर मोड़ने में परेशानी होती है। सड़क की चौड़ाई कम होने और वाहनों का दबाव अधिक रहने के कारण कई बार यातायात व्यवस्था प्रभावित हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार अंबा चौक और नवीनगर रोड के आसपास कई जगहों पर दुकानदारों ने फुटपाथ पर अतिक्रमण कर रखा है। इसके कारण सड़क की उपयोगी चौड़ाई और कम हो गई है। वहीं औरंगाबाद से नवीनगर की ओर जाने वाली यात्री बसें और ऑटो भी सड़क किनारे खड़े किए जाते हैं। इसी दौरान यदि कोई बड़ा वाहन चौक से गुजरता है तो यातायात का प्रवाह बाधित हो जाता है और देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। 17 स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए जिला प्रशासन ने 17 प्रमुख स्थानों पर तीनों पालियों में रोस्टर के अनुसार दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की है। बीआरबीसीएल परियोजना नवीनगर के मुख्य द्वार, एनपीजीपीसीएल परियोजना के मुख्य द्वार, मेंह पुल के उत्तरी एवं दक्षिणी छोर, एनटीपीसी खैरा बाजार, सुरार पुल, रेलवे फाटक के दोनों छोर, तेतरिया मोड़ और बसन बिगहा मोड़ समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि एनटीपीसी और बीआरबीसीएल परियोजना से निकलने वाला कोई भी भारी वाहन सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक अंबा मुख्य मार्ग में प्रवेश नहीं करे। भारी वाहनों को निर्धारित समय और वैकल्पिक मार्ग के अनुसार ही परिचालित कराने को कहा गया है। वहीं रात्रि में भारी वाहनों के नियंत्रित प्रवेश के लिए अम्बा चौक से नवीनगर जाने वाले मार्ग में बतरे नदी के पास अस्थायी चेकपोस्ट स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। रेलवे फाटक के पास निर्माणाधीन पुल के कारण भी यातायात चुनौती बनी हुई है। यहां एक ओर ही सर्विस पुल का निर्माण हुआ है, जिस पर एक समय में केवल एक दिशा से वाहनों का परिचालन संभव है। ऐसे में दोनों दिशाओं के वाहनों को चरणबद्ध तरीके से निकालने का निर्देश दिया गया है। दोमुहान पुल के समीप बटाने नदी पर डायवर्सन का कार्य अधूरा बताते चलें कि कुछ माह पूर्व ही एनएच 139 के बटाने नदी पर बना दोमुहान पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद पुल पर भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। पुल के समीप ही डायवर्सन का निर्माण कराया गया है। अभी डायवर्सन निर्माण का कार्य पूरा भी नहीं हुआ था कि मेंह पुल क्षतिग्रस्त हो गया। ऐसे में वाहन चालकों को काफी परेशानी झेलना पड़ रहा है। अतिक्रमण हटाने और जाम से निजात की मांग अंबा में बढ़ती जाम की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने अंचल अधिकारी, कुटुंबा और थानाध्यक्ष, अंबा को संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर अवैध एवं अनावश्यक अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। प्रशासन का मानना है कि सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने से जाम की समस्या में कमी लाई जा सकती है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित कर देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। नवीनगर रोड पर फुटपाथ पर अतिक्रमण, सड़क किनारे यात्री बसों और ऑटो का ठहराव तथा अंबा चौक पर बड़े वाहनों के बढ़ते दबाव को व्यवस्थित करना जरूरी है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के बाद जाम लगने पर स्कूली वाहन काफी देर तक सड़क पर फंसे रहते हैं। इससे बच्चों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकृष्ट कराते हुए अंबा चौक और नवीनगर रोड को अतिक्रमण मुक्त कराने, बसों और ऑटो के लिए व्यवस्थित ठहराव स्थल निर्धारित करने तथा भारी वाहनों के परिचालन को नियंत्रित करने की मांग की है। औरंगाबाद के बारूण-नवीनगर पथ के 11वें किलोमीटर में ग्राम मेंह के पास सोन उच्चस्तरीय नहर पर स्थित क्षतिग्रस्त उच्चस्तरीय पुल से भारी वाहनों के परिचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर प्रशासन ने पुल की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया है। पुल की वर्तमान स्थिति को देखते हुए भारी वाहनों के आवागमन को पूरी तरह रोकने का निर्देश दिया गया है, ताकि दुर्घटना की आशंका को टाला जा सके। पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल-01, औरंगाबाद के कार्यपालक अभियंता द्वारा पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना दिए जाने के बाद जिला प्रशासन ने वैकल्पिक यातायात व्यवस्था लागू की है। एनटीपीसी एवं बीआरबीसीएल, नवीनगर से निकलने वाले तथा जपला की ओर से आने वाले भारी वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्ग से परिचालित कराने की व्यवस्था की गई है। अंबा में बढ़ा बड़े वाहनों का दबाव मेंह पुल से भारी वाहनों का परिचालन बंद होने के बाद नवीनगर रोड और अंबा होते हुए औरंगाबाद की ओर वाहनों का आवागमन बढ़ गया है। खासकर नवीनगर की ओर से आने वाले बड़े वाहनों के कारण अंबा चौक पर जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। बड़े वाहनों को अंबा चौक से औरंगाबाद की ओर मोड़ने में परेशानी होती है। सड़क की चौड़ाई कम होने और वाहनों का दबाव अधिक रहने के कारण कई बार यातायात व्यवस्था प्रभावित हो जाती है। स्थानीय लोगों के अनुसार अंबा चौक और नवीनगर रोड के आसपास कई जगहों पर दुकानदारों ने फुटपाथ पर अतिक्रमण कर रखा है। इसके कारण सड़क की उपयोगी चौड़ाई और कम हो गई है। वहीं औरंगाबाद से नवीनगर की ओर जाने वाली यात्री बसें और ऑटो भी सड़क किनारे खड़े किए जाते हैं। इसी दौरान यदि कोई बड़ा वाहन चौक से गुजरता है तो यातायात का प्रवाह बाधित हो जाता है और देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। 17 स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए जिला प्रशासन ने 17 प्रमुख स्थानों पर तीनों पालियों में रोस्टर के अनुसार दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की है। बीआरबीसीएल परियोजना नवीनगर के मुख्य द्वार, एनपीजीपीसीएल परियोजना के मुख्य द्वार, मेंह पुल के उत्तरी एवं दक्षिणी छोर, एनटीपीसी खैरा बाजार, सुरार पुल, रेलवे फाटक के दोनों छोर, तेतरिया मोड़ और बसन बिगहा मोड़ समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि एनटीपीसी और बीआरबीसीएल परियोजना से निकलने वाला कोई भी भारी वाहन सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक अंबा मुख्य मार्ग में प्रवेश नहीं करे। भारी वाहनों को निर्धारित समय और वैकल्पिक मार्ग के अनुसार ही परिचालित कराने को कहा गया है। वहीं रात्रि में भारी वाहनों के नियंत्रित प्रवेश के लिए अम्बा चौक से नवीनगर जाने वाले मार्ग में बतरे नदी के पास अस्थायी चेकपोस्ट स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। रेलवे फाटक के पास निर्माणाधीन पुल के कारण भी यातायात चुनौती बनी हुई है। यहां एक ओर ही सर्विस पुल का निर्माण हुआ है, जिस पर एक समय में केवल एक दिशा से वाहनों का परिचालन संभव है। ऐसे में दोनों दिशाओं के वाहनों को चरणबद्ध तरीके से निकालने का निर्देश दिया गया है। दोमुहान पुल के समीप बटाने नदी पर डायवर्सन का कार्य अधूरा बताते चलें कि कुछ माह पूर्व ही एनएच 139 के बटाने नदी पर बना दोमुहान पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद पुल पर भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया था। पुल के समीप ही डायवर्सन का निर्माण कराया गया है। अभी डायवर्सन निर्माण का कार्य पूरा भी नहीं हुआ था कि मेंह पुल क्षतिग्रस्त हो गया। ऐसे में वाहन चालकों को काफी परेशानी झेलना पड़ रहा है। अतिक्रमण हटाने और जाम से निजात की मांग अंबा में बढ़ती जाम की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने अंचल अधिकारी, कुटुंबा और थानाध्यक्ष, अंबा को संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर अवैध एवं अनावश्यक अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया है। प्रशासन का मानना है कि सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने से जाम की समस्या में कमी लाई जा सकती है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित कर देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। नवीनगर रोड पर फुटपाथ पर अतिक्रमण, सड़क किनारे यात्री बसों और ऑटो का ठहराव तथा अंबा चौक पर बड़े वाहनों के बढ़ते दबाव को व्यवस्थित करना जरूरी है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के बाद जाम लगने पर स्कूली वाहन काफी देर तक सड़क पर फंसे रहते हैं। इससे बच्चों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर आकृष्ट कराते हुए अंबा चौक और नवीनगर रोड को अतिक्रमण मुक्त कराने, बसों और ऑटो के लिए व्यवस्थित ठहराव स्थल निर्धारित करने तथा भारी वाहनों के परिचालन को नियंत्रित करने की मांग की है।

