औरंगाबाद में फर्जी आदेश से छुड़ाया हाइवा, मालिक गिरफ्तार:निशानदेही पर एनएच किनारे होटल के पास से बरामद हुई गाड़ी, पहचानकर्ता की तलाश जारी

औरंगाबाद में फर्जी आदेश से छुड़ाया हाइवा, मालिक गिरफ्तार:निशानदेही पर एनएच किनारे होटल के पास से बरामद हुई गाड़ी, पहचानकर्ता की तलाश जारी

औरंगाबाद के कुटुंबा थाना क्षेत्र में खनन विभाग द्वारा जब्त किए गए 18 चक्का हाइवा को फर्जी विमुक्ति आदेश के आधार पर छुड़ाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में वाहन मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोसाईडीह निवासी रवि कुमार यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर जब्त हाइवा को भी बरामद कर लिया है। जानकारी देते हुए कुटुंबा थानाध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि छह जुलाई को खनन निरीक्षक ने कुटुंबा थाना क्षेत्र के छक्कनबाग के पास कार्रवाई करते हुए हाइवा को जब्त किया था। कार्रवाई के बाद वाहन को कुटुंबा थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया था। वाहन खनन विभाग की कार्रवाई के बाद थाना परिसर में रखा गया था। इसके बाद वाहन मालिक रवि कुमार यादव ने वाहन को मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की। फर्जी आदेश दिखाकर थाने से छुड़ाया वाहन मामले में सात अगस्त को वाहन मालिक रवि कुमार यादव गांव के पहचानकर्ता अजय यादव के साथ कुटुंबा थाना पहुंचा। दोनों ने खनन कार्यालय से जारी विमुक्ति आदेश पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किया। पुलिस ने प्रस्तुत दस्तावेज को सही मानते हुए उसके आधार पर जब्त हाइवा को मुक्त कर दिया। वाहन थाना से निकलने के बाद मामला सामान्य नजर आ रहा था, लेकिन कुछ दिनों बाद पुलिस को विमुक्ति आदेश को लेकर संदेहास्पद जानकारी मिली। 13 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि हाइवा को छुड़ाने के लिए प्रस्तुत किया गया विमुक्ति आदेश फर्जी है। इसके बाद पुलिस ने खनन कार्यालय से आदेश का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान दस्तावेज के फर्जी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने वाहन मालिक रवि कुमार यादव और पहचानकर्ता अजय यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। फर्जी दस्तावेज के आधार पर सरकारी अभिरक्षा में रखे वाहन को मुक्त कराने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी और वाहन की बरामदगी के लिए विशेष टीम का गठन किया। वाहन मालिक की गिरफ्तारी के बाद बरामद हुआ हाइवा मामले के उद्भेदन के लिए गठित विशेष टीम ने गुरुवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र में बाईपास के समीप छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन मालिक रवि कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उससे पूछताछ की और फर्जी विमुक्ति आदेश के आधार पर वाहन को छुड़ाने के संबंध में जानकारी जुटाई। पूछताछ के बाद पुलिस को वाहन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। आरोपित की निशानदेही पर पुलिस टीम ने एनएच किनारे एक होटल के पास छापेमारी कर खनन विभाग द्वारा जब्त किया गया 18 चक्का हाइवा बरामद कर लिया। पुलिस अब मामले में शामिल दूसरे आरोपित और पहचानकर्ता अजय यादव की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। थानाध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित रवि कुमार यादव को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि फर्जी विमुक्ति आदेश तैयार करने, उसे खनन कार्यालय के आदेश के रूप में प्रस्तुत करने और उसके आधार पर जब्त वाहन को थाना से छुड़ाने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी आदेश तैयार करने में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा वाहन को थाना से छुड़ाने के बाद कहां रखा गया था। औरंगाबाद के कुटुंबा थाना क्षेत्र में खनन विभाग द्वारा जब्त किए गए 18 चक्का हाइवा को फर्जी विमुक्ति आदेश के आधार पर छुड़ाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में वाहन मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपित की पहचान पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोसाईडीह निवासी रवि कुमार यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर जब्त हाइवा को भी बरामद कर लिया है। जानकारी देते हुए कुटुंबा थानाध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि छह जुलाई को खनन निरीक्षक ने कुटुंबा थाना क्षेत्र के छक्कनबाग के पास कार्रवाई करते हुए हाइवा को जब्त किया था। कार्रवाई के बाद वाहन को कुटुंबा थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया था। वाहन खनन विभाग की कार्रवाई के बाद थाना परिसर में रखा गया था। इसके बाद वाहन मालिक रवि कुमार यादव ने वाहन को मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की। फर्जी आदेश दिखाकर थाने से छुड़ाया वाहन मामले में सात अगस्त को वाहन मालिक रवि कुमार यादव गांव के पहचानकर्ता अजय यादव के साथ कुटुंबा थाना पहुंचा। दोनों ने खनन कार्यालय से जारी विमुक्ति आदेश पुलिस के समक्ष प्रस्तुत किया। पुलिस ने प्रस्तुत दस्तावेज को सही मानते हुए उसके आधार पर जब्त हाइवा को मुक्त कर दिया। वाहन थाना से निकलने के बाद मामला सामान्य नजर आ रहा था, लेकिन कुछ दिनों बाद पुलिस को विमुक्ति आदेश को लेकर संदेहास्पद जानकारी मिली। 13 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि हाइवा को छुड़ाने के लिए प्रस्तुत किया गया विमुक्ति आदेश फर्जी है। इसके बाद पुलिस ने खनन कार्यालय से आदेश का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान दस्तावेज के फर्जी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने वाहन मालिक रवि कुमार यादव और पहचानकर्ता अजय यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। फर्जी दस्तावेज के आधार पर सरकारी अभिरक्षा में रखे वाहन को मुक्त कराने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी और वाहन की बरामदगी के लिए विशेष टीम का गठन किया। वाहन मालिक की गिरफ्तारी के बाद बरामद हुआ हाइवा मामले के उद्भेदन के लिए गठित विशेष टीम ने गुरुवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र में बाईपास के समीप छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वाहन मालिक रवि कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उससे पूछताछ की और फर्जी विमुक्ति आदेश के आधार पर वाहन को छुड़ाने के संबंध में जानकारी जुटाई। पूछताछ के बाद पुलिस को वाहन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। आरोपित की निशानदेही पर पुलिस टीम ने एनएच किनारे एक होटल के पास छापेमारी कर खनन विभाग द्वारा जब्त किया गया 18 चक्का हाइवा बरामद कर लिया। पुलिस अब मामले में शामिल दूसरे आरोपित और पहचानकर्ता अजय यादव की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। थानाध्यक्ष इमरान आलम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित रवि कुमार यादव को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि फर्जी विमुक्ति आदेश तैयार करने, उसे खनन कार्यालय के आदेश के रूप में प्रस्तुत करने और उसके आधार पर जब्त वाहन को थाना से छुड़ाने की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि फर्जी आदेश तैयार करने में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा वाहन को थाना से छुड़ाने के बाद कहां रखा गया था।  

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