विद्यार्थी सहयोग शिविर से छात्रों की समस्या व शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी तरीके से समय पर होगा समाधान

विद्यार्थी सहयोग शिविर से छात्रों की समस्या व शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी तरीके से समय पर होगा समाधान

जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के निर्देश के आलोक में शुक्रवार समाहरणालय सभागार में विद्यार्थी सहयोग शिविर के सफल एवं प्रभावी आयोजन को लेकर संबंधित कार्यालय प्रधान, सभी नोडल पदाधिकारी एवं कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थी सहयोग कार्यक्रम की कार्यप्रणाली एवं शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में एल-1, एल-2 एवं एल-3 स्तर के पदाधिकारियों की भूमिका एवं दायित्व, स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन, स्टूडेंट डैशबोर्ड, रजिस्ट्रेशन ऑफ ग्रीवांस, ट्रैक ग्रीवांस स्टेटस, वेरिफिकेशन ऑफ आइडेंटिटी, स्टूडेंट आइडेंटिटी अप्रूवल, एस्केलेशन मैट्रिक्स एवं विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया के संबंध में प्रायोगिक जानकारी प्रदान की गई। डीडीसी काजले वैभव नितिन ने कहा कि विद्यार्थी सहयोग शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं एवं शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी अपने दायित्वों को पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निभाएं, ताकि शिविर में आने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। डीडीसी ने कहा कि छात्रों की शिकायतों के निष्पादन में समयबद्धता एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिकायत प्राप्त होने से लेकर उसके समाधान एवं फीडबैक तक की पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने एल-1, एल-2 एवं एल-3 स्तर पर निर्धारित जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर एस्केलेशन मैट्रिक्स के अनुरूप शिकायतों को उच्च स्तर पर भेजने का निर्देश दिया। डीडीसी ने सभी नोडल पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का बेहतर उपयोग करते हुए शिविर को सफल बनाने तथा अधिकाधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ दिलाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के निर्देश के आलोक में शुक्रवार समाहरणालय सभागार में विद्यार्थी सहयोग शिविर के सफल एवं प्रभावी आयोजन को लेकर संबंधित कार्यालय प्रधान, सभी नोडल पदाधिकारी एवं कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थी सहयोग कार्यक्रम की कार्यप्रणाली एवं शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में एल-1, एल-2 एवं एल-3 स्तर के पदाधिकारियों की भूमिका एवं दायित्व, स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन, स्टूडेंट डैशबोर्ड, रजिस्ट्रेशन ऑफ ग्रीवांस, ट्रैक ग्रीवांस स्टेटस, वेरिफिकेशन ऑफ आइडेंटिटी, स्टूडेंट आइडेंटिटी अप्रूवल, एस्केलेशन मैट्रिक्स एवं विभिन्न प्रकार की रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया के संबंध में प्रायोगिक जानकारी प्रदान की गई। डीडीसी काजले वैभव नितिन ने कहा कि विद्यार्थी सहयोग शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं एवं शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी अपने दायित्वों को पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निभाएं, ताकि शिविर में आने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। डीडीसी ने कहा कि छात्रों की शिकायतों के निष्पादन में समयबद्धता एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिकायत प्राप्त होने से लेकर उसके समाधान एवं फीडबैक तक की पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने एल-1, एल-2 एवं एल-3 स्तर पर निर्धारित जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर एस्केलेशन मैट्रिक्स के अनुरूप शिकायतों को उच्च स्तर पर भेजने का निर्देश दिया। डीडीसी ने सभी नोडल पदाधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी का बेहतर उपयोग करते हुए शिविर को सफल बनाने तथा अधिकाधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ दिलाने का निर्देश दिया।  

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