रुपया शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले तीन पैसे की बढ़त के साथ 95.71 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कमजोर डॉलर और घरेलू बाजार में सकारात्मक रुख के कारण रुपया शुरुआती कारोबार में बढ़त में रहा। हालांकि, वैश्विक तनाव जारी रहने के कारण रुपये ने शुरुआती तेज बढ़त गंवा दी।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.69 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.65 प्रति डॉलर के उच्चतम और 95.75 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक गया। अंत में यह पिछले बंद भाव के मुकाबले तीन पैसे की बढ़त के साथ 95.71 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक पैसे की गिरावट के साथ 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘हमें अनुमान है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा अमेरिकी प्रशासन द्वारा ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की चर्चा के बीच रुपया मामूली नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी रुपये पर दबाव डाल सकती हैं। हालांकि, ब्याज दर में बढ़ोतरी की संभावना कम होने के बीच अमेरिकी डॉलर में गिरावट रुपये को निचले स्तर पर समर्थन दे सकती है।
कारोबारियों की नजर अमेरिका के सेवा क्षेत्र के पीएमआई आंकड़ों पर रहेगी।’’
चौधरी के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपये की हाजिर दर 95.50 से 96 के दायरे में रहने का अनुमान है। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.65 पर रहा। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा कारोबार में 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 93.39 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
पश्चिम एशिया में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान का समर्थन करने वाले देशों को लेकर नयी चेतावनी दी हैं। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 3.11 अंक बढ़कर 77,540.83 और निफ्टी 20.15 अंक की बढ़त के साथ 24,252 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे।
उन्होंने शुक्रवार को 542.71 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।

