नवादा शहर में बढ़ती महंगाई को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने रोजमर्रा की जरूरतों के सामान की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई और इसके लिए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। इस दौरान महंगाई को लेकर लोगों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। देखें, मौके से आई तस्वीरें… केंद्र सरकार के सामने महंगाई महत्वपूर्ण मुद्दा चीनी खरीदने पहुंचे स्थानीय निवासी रणदीप कुमार ने महंगाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश में महंगाई की चर्चा हो रही है तो बात को पाकिस्तान और राहुल गांधी तक क्यों ले जाया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सामने महंगाई भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, इसलिए इस पर चर्चा होनी चाहिए। ग्राहक बृजनंदन बोले-महंगाई बहुत ज्यादा नहीं वहीं, बृजनंदन प्रसाद ने कहा कि महंगाई बहुत ज्यादा नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग महंगाई को लेकर अधिक शिकायत कर रहे हैं, उन्हें पाकिस्तान जाकर वहां की स्थिति देखनी चाहिए। इसके बाद उन्हें दोनों देशों में महंगाई का अंतर समझ आएगा। चीनी की कीमत बढ़ने से बढ़ेगा घरेलू बजट संजय कुमार ने चीनी की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चीनी के दाम बढ़ने का सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ेगा। रोजमर्रा के सामान महंगे होने से पहले से सीमित आय वाले परिवारों की परेशानी बढ़ रही है। ‘महंगाई में चाय पीना भी मुश्किल’ प्रोफेसर कृष्णदेव सिंह ने कहा कि महंगाई इस स्तर तक पहुंच गई है कि अब चाय जैसी रोजमर्रा की चीज भी महंगी लगने लगी है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। चीनी 70, प्याज 50 और लहसुन 200 रुपये किलो दुकानदार शंकर साव ने बाजार में खाद्य पदार्थों की मौजूदा कीमतों की जानकारी देते हुए बताया कि चीनी करीब 70 रुपये प्रति किलोग्राम, प्याज 50 रुपये और लहसुन करीब 200 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। उन्होंने बताया कि दालों की कीमतों में फिलहाल उतनी तेजी नहीं है, लेकिन अन्य जरूरी सामान महंगे होने से ग्राहकों के साथ दुकानदार भी प्रभावित हो रहे हैं। बढ़ती कीमतों के बीच लोगों की मांग है कि सरकार खाद्य पदार्थों की कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए, ताकि आम परिवारों के घरेलू बजट पर बढ़ता दबाव कम हो सके। नवादा शहर में बढ़ती महंगाई को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने रोजमर्रा की जरूरतों के सामान की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई और इसके लिए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। इस दौरान महंगाई को लेकर लोगों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। देखें, मौके से आई तस्वीरें… केंद्र सरकार के सामने महंगाई महत्वपूर्ण मुद्दा चीनी खरीदने पहुंचे स्थानीय निवासी रणदीप कुमार ने महंगाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश में महंगाई की चर्चा हो रही है तो बात को पाकिस्तान और राहुल गांधी तक क्यों ले जाया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सामने महंगाई भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, इसलिए इस पर चर्चा होनी चाहिए। ग्राहक बृजनंदन बोले-महंगाई बहुत ज्यादा नहीं वहीं, बृजनंदन प्रसाद ने कहा कि महंगाई बहुत ज्यादा नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग महंगाई को लेकर अधिक शिकायत कर रहे हैं, उन्हें पाकिस्तान जाकर वहां की स्थिति देखनी चाहिए। इसके बाद उन्हें दोनों देशों में महंगाई का अंतर समझ आएगा। चीनी की कीमत बढ़ने से बढ़ेगा घरेलू बजट संजय कुमार ने चीनी की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चीनी के दाम बढ़ने का सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ेगा। रोजमर्रा के सामान महंगे होने से पहले से सीमित आय वाले परिवारों की परेशानी बढ़ रही है। ‘महंगाई में चाय पीना भी मुश्किल’ प्रोफेसर कृष्णदेव सिंह ने कहा कि महंगाई इस स्तर तक पहुंच गई है कि अब चाय जैसी रोजमर्रा की चीज भी महंगी लगने लगी है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों से आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। चीनी 70, प्याज 50 और लहसुन 200 रुपये किलो दुकानदार शंकर साव ने बाजार में खाद्य पदार्थों की मौजूदा कीमतों की जानकारी देते हुए बताया कि चीनी करीब 70 रुपये प्रति किलोग्राम, प्याज 50 रुपये और लहसुन करीब 200 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है। उन्होंने बताया कि दालों की कीमतों में फिलहाल उतनी तेजी नहीं है, लेकिन अन्य जरूरी सामान महंगे होने से ग्राहकों के साथ दुकानदार भी प्रभावित हो रहे हैं। बढ़ती कीमतों के बीच लोगों की मांग है कि सरकार खाद्य पदार्थों की कीमतों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए, ताकि आम परिवारों के घरेलू बजट पर बढ़ता दबाव कम हो सके।

