विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड: ED का बड़ा एक्शन, YSRCP सांसद अविनाश रेड्डी के ठिकानों से 24 लाख कैश और लॉकर की चाबियां जब्त

विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड: ED का बड़ा एक्शन, YSRCP सांसद अविनाश रेड्डी के ठिकानों से 24 लाख कैश और लॉकर की चाबियां जब्त

ED raids YS Avinash Reddy: पूर्व केंद्रीय मंत्री और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के चाचा वाईएस विवेकानंद रेड्डी की हत्या से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को ED की हैदराबाद जोनल टीम ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के सात ठिकानों पर छापेमारी करते हुए YSRCP के लोकसभा सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी के परिसर से 24 लाख रुपये का अघोषित कैश और दो लॉकर की चाबियां जब्त कीं।

PMLA के तहत हैदराबाद और कड़पा में छापेमारी

ED की टीम ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत हैदराबाद और कड़पा (आंध्र प्रदेश) में मुख्य आरोपियों के आवासीय परिसरों पर छापे मारे। इस दौरान एजेंसी ने कैश और लॉकर की चाबियों के अलावा कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए हैं। बता दें कि 15 मार्च 2019 को कड़पा स्थित उनके आवास पर विवेकानंद रेड्डी की रहस्यमयी परिस्थितियों में हत्या कर दी गई थी। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी गई थी। सीबीआई ने इस मामले में तीन चार्जशीट दाखिल की हैं, जिनमें अविनाश रेड्डी, वाईएस भास्कर रेड्डी और डी शिवशंकर रेड्डी समेत अन्य को आरोपी बनाया गया है।

40 करोड़ की सुपारी और राजनीतिक साजिश

सीबीआई और ईडी के मुताबिक, इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे गहरी राजनीतिक साजिश थी। विवेकानंद रेड्डी के YSRCP में शामिल होने से स्थानीय राजनीति में अपना वर्चस्व खतरे में देख डी शिवशंकर रेड्डी, अविनाश रेड्डी और उनके पिता भास्कर रेड्डी ने उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। हत्या को अंजाम देने के लिए 40 करोड़ रुपये का सौदा तय हुआ था।

मामले में सरकारी गवाह बने शेख दस्तगीरी ने जांच के दौरान बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उसे कथित तौर पर 40 करोड़ रुपये के हिस्से में से 5 करोड़ रुपए देने का लालच दिया गया था। गवाह के मुताबिक, इस रकम में से 1 करोड़ रुपये सुनील यादव के जरिए उसे दिए भी गए थे। वहीं, मामले की जांच के दौरान सीबीआई पहले ही आरोपियों के ठिकानों से 46.70 लाख रुपये की नकदी और अघोषित आभूषण बरामद कर चुकी है। सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर और बाद में दाखिल की गई चार्जशीट में सामने आए तथ्यों के आधार पर ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और इसी के तहत आगे की कार्रवाई शुरू की है।

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