गोरखपुर के DM दीपक मीणा शु्क्रवार को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचे। गोला तहसील के ये गांव गुरुवार को सरयू नदी के पानी से घिर गए हैं और यहां आने-जाने का रास्ता बंद हो गया है। DM ने बगहा देवार एवं ज्ञानकोल गांवों का निरीक्षण किया। इन गांवों के चारो ओर पानी भरा है। यहां लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि राहत सामग्री का वितरण शीघ्र शुरू कर दिया जाए। लोगों की सुविधा के लिए उन्होंने पर्याप्त नावें लगाने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत करके उनकी समस्याओं एवं जरूरतों के बारे में जानकारी ली। इधर, शुक्रवार को खजनी तहसील का भी एक राजस्व गांव बाढ़ से प्रभावित हो गया। जिले के प्रभावित गांवों की संख्या अब 7 हो गई है।
DM ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को चिकित्सा सुविधाएं, पशुओं के लिए चारा, खाद्य सामग्री तथा अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध करायी जाए। जिससे किसी भी प्रभावित परिवार को कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने तथा जरूरत के अनुसार तत्काल राहत पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। प्रभावित लोगों की जो भी जरूरतें हैं, उसका तत्काल संज्ञान लिया जाए। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। DM के निरीक्षण के दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व व प्रभारी आपदा जयप्रकाश, एसडीएम गोला, तहसीलदार आदि उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि गांव पानी से घिरे हैं। प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित करने का निर्देश दिया गया है। ये 7 गांव हैं प्रभावित खजनी तहसील का नरगड़ा जग्गा सिंह राजस्व गांव शुक्रवार को चारो ओर से सरयू नदी के पानी से घिर गया। गांव मैरुंड हो गया है। जिससे आवागमन नहीं हो पा रहा। यहां भी नाव लगाई जा रही है। गोला तहसील के 6 गांव गुरुवार से ही पानी से घिरे हैं। इनमें बगहा, ज्ञानकोल, पटना, कोटिय निरंजन, जैतपुर व गोनघट शामिल हैं। इन 7 गांवों में लगभग 1500 हेकटेयर जमीन और 1200 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। गोला तहसील क्षेत्र के गांवों में शाम से राहत सामग्री का वितरण शुरू करा दिया जाएगा।

