मेरठ SSP अविनाश पांडेय हटाए गए:लखनऊ हेडक्वार्टर से किए गए अटैच, थप्पड़कांड से विवादों में आए थे

मेरठ SSP अविनाश पांडेय हटाए गए:लखनऊ हेडक्वार्टर से किए गए अटैच, थप्पड़कांड से विवादों में आए थे

मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय को हटा दिया गया है। उन्हें लखनऊ हेडक्वार्टर से अटैच किया गया है। देर रात शासन की ओर से यूपी में 9 आईपीएस अफसरों के तबादले की सूची जारी की गई है। इसमें मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय सहित संभल एसएसपी केके विश्नोई का भी नाम है। अविनाश पांडेय को लखनऊ हेडक्वार्टर से अटैच किया गया है। उनके स्थान पर 2015 बैच के आईपीएस और इस समय झांसी में पोस्टेड बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का एसएसपी बनाया गया है। झांसी, कानपुर देहात और कासगंज में रह चुके कप्तान बीबीजीटीएस मूर्ति 2015 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं। अप्रैल 2025 से वे झांसी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के रूप में कार्यरत हैं। मूल रूप से हैदराबाद तेलंगाना के रहने वाले हैं। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में बी.टेक और मार्केटिंग में एमबीए किया है। झांसी के एसएसपी के रूप में कार्यभार संभालने से पहले वे कासगंज और कानपुर देहात के एसपी पद पर रह चुके हैं। कासगंज में तैनाती के दौरान उन्होंने माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की थी। डीजीपी ऑफिस से अटैच किए गए अविनाश पांडे
लिस्ट के अनुसार, अविनाश पाण्डेय को मेरठ एसएसपी के पद से हटाकर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से संबद्ध किया गया है। वहीं, झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात बीबीजीटीएस मूर्ति को अब मेरठ की कमान सौंपी गई है। अविनाश पाण्डेय ने मेरठ में एसएसपी की जिम्मेदारी संभालते हुए कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में काम किया। उनके तबादले के बाद अब जिले की पुलिस व्यवस्था की कमान बीबीजीटीएस मूर्ति के हाथों में होगी। मेरठ में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखना, यातायात व्यवस्था, साइबर अपराध पर अंकुश और पुलिस की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाना नए एसएसपी के सामने प्रमुख चुनौतियां रहेंगी। 5 महीने पहले हुआ था तबादला एसएसपी अविनाश पांडेय 4 फरवरी 2026 को मेरठ जिले के कप्तान बने थे। विपिन ताडा के स्थान पर उनका तबादला मेरठ किया गया था। मेरठ में अविनाश पांडेय कुल 5 महीने कप्तान रहे। इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर काफी अहम कदम उठाए। ट्रैफिक मैनेजमेंट से लेकर क्राइम कंट्रोल पर काफी काम किया। मार्च में होली पर पैदल ही पुलिस लाइन तक जाने और कांस्टेबलों के कंधे पर बैठकर डांस करने का उनका वीडियो काफी चर्चाओं में रहा। पुलिस लाइन में समारोह के दौरान उनके गाना गाने का वीडियो भी काफी वायरल हुआ था। इसके बाद ललिता गौतम हत्याकांड में कलेक्ट्रेट के गेट पर धरनारत लोगों को थप्पड़ मारकर खदेड़ने के मामले में भी वो चर्चाओं में रहे। उनके इस वीडियो पर काफी विवाद भी हुआ था। इसकी शिकायत प्रभारी मंत्री असीम अरुण तक से की गई थी। हाल में संपन्न हुई कांवड़ यात्रा में भी उनके मैनेजमेंट को काफी सराहा गया है। यहां देखें पूरी ट्रांसफर लिस्ट..

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