औरंगाबाद बाल श्रम से होगा मुक्त:पहले चरण में 33 पंचायतों में चलेगा अभियान, नाबालिग टोटो चालक होंगे चिह्नित

औरंगाबाद बाल श्रम से होगा मुक्त:पहले चरण में 33 पंचायतों में चलेगा अभियान, नाबालिग टोटो चालक होंगे चिह्नित

औरंगाबाद को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए पंचायत स्तर से अभियान शुरू करने की तैयारी की जा रही है। औरंगाबाद के सभी 11 प्रखंडों में शुरुआती चरण में तीन-तीन पंचायतों को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह पहले चरण में कुल 33 पंचायतों में अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत बाल श्रमिकों की पहचान कर उन्हें श्रम से मुक्त कराया जाएगा और शिक्षा से जोड़ा जाएगा। वहीं, नाबालिग टोटो चालकों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। डीएम देंगे बाल श्रम मुक्त होने का सर्टिफिकेट बाल श्रम मुक्त पंचायत घोषित करने से पहले संबंधित पंचायतों में श्रम विभाग की ओर से जांच की जाएगी। जांच के दौरान देखा जाएगा कि पंचायत क्षेत्र में किसी भी स्थान पर कोई बाल श्रमिक काम तो नहीं कर रहा है। इसके लिए दुकानों, प्रतिष्ठानों, कार्यस्थलों और अन्य संभावित स्थानों की जांच की जाएगी। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पंचायत के सरपंच और मुखिया से एनओसी प्राप्त की जाएगी। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर जिलाधिकारी के स्तर से पंचायत को बाल श्रम मुक्त होने का प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
अतिथि गृह में अभियान को लेकर बैठक अभियान का उद्देश्य केवल बाल श्रमिकों को काम से हटाना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना भी है। गुरुवार को शहर के अतिथि गृह में अभियान को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, सदर विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह, जिला श्रम अधीक्षक अंजू कुमारी सहित श्रम विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए अभियान की रूपरेखा और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बाल श्रम से मुक्त कराकर स्कूल भेजा जाएगा बैठक में नाबालिग टोटो चालकों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने जिले के जिला मुख्यालय, अनुमंडल और प्रखंड मुख्यालयों में नाबालिग टोटो चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। इसके लिए आने वाले दिनों में करीब एक महीने तक अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। अभियान के दौरान नाबालिग टोटो चालकों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे बच्चों को दोबारा श्रम में जाने से रोकने के लिए स्कूल में नामांकन कराया जाएगा। जरूरतमंद बाल श्रमिकों और उनके परिवारों को सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया। श्रम विभाग के अधिकारियों को बाल श्रम के खिलाफ लगातार छापेमारी करने का निर्देश दिया गया है। जिला श्रम अधीक्षक अंजू कुमारी ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में 19 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया था। ‘बिहार अब पुराने दौर में लौटने वाला नहीं’ औरंगाबाद पहुंचे बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष सह भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने बैठक के बाद पीसी की। उन्होंने कहा कि बिहार अब पुराने दौर में लौटने वाला नहीं है। उनके अनुसार बिहार की जनता विकास चाहती है और प्रदेश विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार विकास की पटरी पर बुलेट की रफ्तार से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों से सत्ता से दूर रही कांग्रेस बिहार को फिर पटरी से उतारने का प्रयास कर रही है, लेकिन जनता सब समझ रही है। पीसी में सदर विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह चंद्रवंशी, पूर्व जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार सिंह, सुरजीत कुमार सिंह, उपाध्यक्ष जुलेखा बानो, जिला प्रवक्ता जितेंद्र गुप्ता समेत अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे। औरंगाबाद को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए पंचायत स्तर से अभियान शुरू करने की तैयारी की जा रही है। औरंगाबाद के सभी 11 प्रखंडों में शुरुआती चरण में तीन-तीन पंचायतों को बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस तरह पहले चरण में कुल 33 पंचायतों में अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत बाल श्रमिकों की पहचान कर उन्हें श्रम से मुक्त कराया जाएगा और शिक्षा से जोड़ा जाएगा। वहीं, नाबालिग टोटो चालकों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। डीएम देंगे बाल श्रम मुक्त होने का सर्टिफिकेट बाल श्रम मुक्त पंचायत घोषित करने से पहले संबंधित पंचायतों में श्रम विभाग की ओर से जांच की जाएगी। जांच के दौरान देखा जाएगा कि पंचायत क्षेत्र में किसी भी स्थान पर कोई बाल श्रमिक काम तो नहीं कर रहा है। इसके लिए दुकानों, प्रतिष्ठानों, कार्यस्थलों और अन्य संभावित स्थानों की जांच की जाएगी। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पंचायत के सरपंच और मुखिया से एनओसी प्राप्त की जाएगी। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर जिलाधिकारी के स्तर से पंचायत को बाल श्रम मुक्त होने का प्रमाणपत्र दिया जाएगा।
अतिथि गृह में अभियान को लेकर बैठक अभियान का उद्देश्य केवल बाल श्रमिकों को काम से हटाना ही नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना भी है। गुरुवार को शहर के अतिथि गृह में अभियान को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, सदर विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह, जिला श्रम अधीक्षक अंजू कुमारी सहित श्रम विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए अभियान की रूपरेखा और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। बाल श्रम से मुक्त कराकर स्कूल भेजा जाएगा बैठक में नाबालिग टोटो चालकों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने जिले के जिला मुख्यालय, अनुमंडल और प्रखंड मुख्यालयों में नाबालिग टोटो चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। इसके लिए आने वाले दिनों में करीब एक महीने तक अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। अभियान के दौरान नाबालिग टोटो चालकों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे बच्चों को दोबारा श्रम में जाने से रोकने के लिए स्कूल में नामांकन कराया जाएगा। जरूरतमंद बाल श्रमिकों और उनके परिवारों को सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया। श्रम विभाग के अधिकारियों को बाल श्रम के खिलाफ लगातार छापेमारी करने का निर्देश दिया गया है। जिला श्रम अधीक्षक अंजू कुमारी ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में 19 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया था। ‘बिहार अब पुराने दौर में लौटने वाला नहीं’ औरंगाबाद पहुंचे बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के उपाध्यक्ष सह भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अरविंद कुमार सिंह ने बैठक के बाद पीसी की। उन्होंने कहा कि बिहार अब पुराने दौर में लौटने वाला नहीं है। उनके अनुसार बिहार की जनता विकास चाहती है और प्रदेश विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार विकास की पटरी पर बुलेट की रफ्तार से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों से सत्ता से दूर रही कांग्रेस बिहार को फिर पटरी से उतारने का प्रयास कर रही है, लेकिन जनता सब समझ रही है। पीसी में सदर विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह चंद्रवंशी, पूर्व जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार सिंह, सुरजीत कुमार सिंह, उपाध्यक्ष जुलेखा बानो, जिला प्रवक्ता जितेंद्र गुप्ता समेत अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।  

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