कैमूर में जैविक खेती को बढ़ावा देने और कृषि को टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से राज्य स्कीम (वित्तीय वर्ष 2026-27) के तहत पक्का वर्मी कंपोस्ट और बायोगैस इकाइयों का निर्माण कराया जाएगा। इस योजना के तहत किसानों को 50 प्रतिशत तक का अनुदान मिलेगा। जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) विकास कुमार ने बताया कि इस पहल का मुख्य लक्ष्य सब्जी की जैविक खेती को प्रोत्साहित करना और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करना है। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होगी, पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और फसल उत्पादन लागत में भी कमी आएगी। योजना के अंतर्गत, जिले में पक्की वर्मी कंपोस्ट इकाई के निर्माण पर लागत मूल्य का 50 प्रतिशत अनुदान देय होगा, जबकि व्यावसायिक वर्मी कंपोस्ट इकाई के लिए 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। जिले को कुल 1200 पक्की वर्मी कंपोस्ट इकाई निर्माण का लक्ष्य दिया गया है। इसके अतिरिक्त, बायोगैस इकाई के निर्माण पर भी 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिसके लिए जिले में 8 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित है। ‘अनुदान’ मेन्यू में जाकर होगा चयन इच्छुक किसान कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर 30 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए किसानों को पोर्टल पर ‘अनुदान’ मेन्यू में जाकर संबंधित इकाई का चयन करना होगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन किसानों ने पूर्व के वर्षों में इस योजना का लाभ लिया है, वे दोबारा पात्र नहीं होंगे। स्थानीय स्तर पर जैविक खाद के उत्पादन से किसानों को अपनी फसलों में लाभ मिलेगा। कैमूर में जैविक खेती को बढ़ावा देने और कृषि को टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से राज्य स्कीम (वित्तीय वर्ष 2026-27) के तहत पक्का वर्मी कंपोस्ट और बायोगैस इकाइयों का निर्माण कराया जाएगा। इस योजना के तहत किसानों को 50 प्रतिशत तक का अनुदान मिलेगा। जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) विकास कुमार ने बताया कि इस पहल का मुख्य लक्ष्य सब्जी की जैविक खेती को प्रोत्साहित करना और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करना है। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति में वृद्धि होगी, पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और फसल उत्पादन लागत में भी कमी आएगी। योजना के अंतर्गत, जिले में पक्की वर्मी कंपोस्ट इकाई के निर्माण पर लागत मूल्य का 50 प्रतिशत अनुदान देय होगा, जबकि व्यावसायिक वर्मी कंपोस्ट इकाई के लिए 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। जिले को कुल 1200 पक्की वर्मी कंपोस्ट इकाई निर्माण का लक्ष्य दिया गया है। इसके अतिरिक्त, बायोगैस इकाई के निर्माण पर भी 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा, जिसके लिए जिले में 8 इकाइयों का लक्ष्य निर्धारित है। ‘अनुदान’ मेन्यू में जाकर होगा चयन इच्छुक किसान कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर 30 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए किसानों को पोर्टल पर ‘अनुदान’ मेन्यू में जाकर संबंधित इकाई का चयन करना होगा। यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन किसानों ने पूर्व के वर्षों में इस योजना का लाभ लिया है, वे दोबारा पात्र नहीं होंगे। स्थानीय स्तर पर जैविक खाद के उत्पादन से किसानों को अपनी फसलों में लाभ मिलेगा।

