माना थाना क्षेत्र के नकटी स्थित ब्लू वाटर खदान में बुधवार शाम एक युवक पानी में डूब गया। मौदहापारा निवासी 24 वर्षीय आदिल खान अपने तीन दोस्तों के साथ यहां घूमने पहुंचा था। इसी दौरान दोस्तों के बीच खदान के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगी। आदिल और उसका एक दोस्त पानी में कूद गए। दोस्त तो बाहर निकल आया, लेकिन आदिल गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है। आदिल के डूबने की सूचना मिलते ही माना पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ की टीम से संपर्क किया। हालांकि अंधेरा होने और खदान में पानी की अधिक गहराई के कारण रात में सर्च अभियान शुरू नहीं किया जा सका। गुरुवार सुबह करीब से एसडीआरएफ की टीम ने युवक की तलाश शुरू कर दी है। पानी ज्यादा होने के कारण टीम अब तक शव की तलाश नहीं कर पाई है। 9 साल में 9 मौतें ब्लू वाटर में डूबने की यह पहली घटना नहीं है। उपलब्ध घटनाओं के मुताबिक 2017 से अब तक यहां नौ लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। 31 अक्टूबर 2025 को टाटीबंध के छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के नौ छात्र स्कूल से बंक कर यहां पहुंचे थे। नहाने के दौरान जयेश साहू और मृदुल गहरे पानी में डूब गए थे। दोनों के शव अलग-अलग दिनों में मिले थे। इससे पहले 2017 में 17 वर्षीय सुनैना, मई 2019 में 17 वर्षीय मोहन बाघ, मार्च 2023 में दो युवक और जून 2023 में नदीम, फैजल व शहबाज की डूबने से मौत हुई थी। सुरक्षा इंतजामों पर उठ रहे सवाल बारिश के बाद खदान में पानी भरने से यह जगह तालाब जैसी नजर आती है। इसके चलते लोग यहां घूमने और नहाने पहुंचते हैं। लगातार हादसों के बावजूद खदान के खतरनाक हिस्सों की पर्याप्त घेराबंदी और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर सवाल उठते रहे हैं। आदिल का शव बरामद होने पर 2017 से अब तक ब्लू वाटर में डूबने से मौतों का आंकड़ा 10 हो जाएगा।

