बिसात शिंदे सेना ने बिछाई, बाजी मार गई भाजपा! उद्धव के 9 नगरसेवक अब थामेंगे ‘कमल’

बिसात शिंदे सेना ने बिछाई, बाजी मार गई भाजपा! उद्धव के 9 नगरसेवक अब थामेंगे ‘कमल’

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में उद्धव ठाकरे गुट को बड़ा राजनीतिक झटका लगने की संभावना है। कलंब नगर परिषद में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सभी 9 नगरसेवक गुरुवार को बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। इनमें पार्टी के गुटनेता भी शामिल हैं। इसके अलावा कांग्रेस का एक नगरसेवक भी बीजेपी का दामन थाम सकता है। अगर यह दल-बदल होता है तो कलंब की स्थानीय राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, इन 10 नगरसेवकों का बीजेपी में प्रवेश सोलापुर में प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की मौजूदगी में होगा। ठाकरे गुट के 9 नगरसेवकों में 8 निर्वाचित नगरसेवक हैं, जबकि एक स्वीकृत नगरसेवक है।

मातोश्री की बैठक से बनाई दूरी, फिर भाजपा से…

इस घटनाक्रम को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उद्धव ठाकरे ने बुधवार को मुंबई स्थित अपने आवास मातोश्री पर धाराशिव के लोकप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में विधायक कैलास पाटील समेत जिले के प्रमुख लोकप्रतिनिधियों को बुलाया गया था।

बताया जा रहा है कि कलंब के इन नगरसेवकों ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इसके बाद से ही उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हो गई थीं। अब उनके बीजेपी में जाने की जानकारी सामने आने के बाद धाराशिव की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।

कलंब नगर परिषद में बदल जाएगा राजनीतिक समीकरण

वर्तमान में कलंब नगर परिषद में शिवसेना शिंदे गुट के 4, बीजेपी के 6, शिवसेना ठाकरे गुट के 9 और कांग्रेस का 1 नगरसेवक है। अब ठाकरे गुट के 9 और कांग्रेस के 1 नगरसेवक के बीजेपी में शामिल होने से नगर परिषद का मौजूदा राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकता है।

यानी महाविकास आघाड़ी से जुड़े कुल 10 नगरसेवकों के बीजेपी में जाने की स्थिति में बीजेपी की नगर परिषद में ताकत काफी बढ़ जाएगी।

कैलास पाटील के गढ़ में ठाकरे गुट को झटका

कलंब नगर परिषद के नगरसेवक शिवसेना विधायक कैलास पाटील के विधानसभा क्षेत्र से आते हैं। इसलिए इस संभावित दल-बदल को उनके लिए भी बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। बीजेपी ने उनके ही क्षेत्र में ठाकरे गुट के पूरे नगरसेवक समूह को अपने पाले में लाने की कोशिश की है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब धाराशिव की राजनीति में पहले से ही बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। सांसद ओमराजे निंबालकर के शिंदे गुट में जाने के बाद उन्होंने धाराशिव में ठाकरे गुट से जुड़े जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और नगरसेवकों से संपर्क बढ़ाया था।

शिंदे और तानाजी सावंत से भी मिले थे नगरसेवक

कुछ समय पहले कलंब के इन नगरसेवकों ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पूर्व मंत्री तानाजी सावंत से भी मुलाकात की थी। उस समय से ही उनके राजनीतिक रुख को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि अब सामने आई जानकारी के मुताबिक, ये नगरसेवक शिंदे गुट में जाने के बजाय सीधे बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं।

ओमराजे निंबालकर के शिंदे गुट में जाने के बाद धाराशिव में ठाकरे गुट के स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच भी राजनीतिक असमंजस बढ़ा है। कलंब के 9 नगरसेवकों का एक साथ पार्टी छोड़ना ठाकरे गुट के लिए विशेष रूप से बड़ा झटका माना जा रहा है।

ठाकरे गुट के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?

कलंब नगर परिषद के सभी 9 ठाकरे गुट के नगरसेवकों का एक साथ बीजेपी में जाना केवल स्थानीय स्तर का दल-बदल नहीं माना जा रहा है। इससे धाराशिव जिले में ठाकरे गुट के संगठन और स्थानीय राजनीतिक पकड़ पर भी सवाल उठ सकते हैं। खास तौर पर तब, जब जिले में पार्टी के कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों से दूसरे दल लगातार संपर्क साध रहे हैं।

फिलहाल इन नगरसेवकों के औपचारिक प्रवेश के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। लेकिन अगर सभी 10 नगरसेवक बीजेपी में शामिल होते हैं तो कलंब के साथ-साथ धाराशिव की राजनीति में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

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