इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति आज यानी की 20 अगस्त को अपना 80वां जन्मदिन मना रहे हैं। नारायण मूर्ति ने अपने साथी इंजीनियरों के साथ मिलकर साल 1981 में इंफोसिस की स्थापना की थी। उधार के 10 हजार रुपए के साथ शुरूआत करने वाले नारायण मूर्ति की कंपनी आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है। बल्कि यह देश-विदेश के कारोबारी जगह के लिए मिसाल बन चुकी है। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर एनआर नारायण मूर्ति के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…
जन्म और परिवार
कर्नाटक के सिद्लाघत्ता में 20 अगस्त 1946 को एनआर नारायण मूर्ति का जन्म हुआ था। उन्होंने स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद साल 1967 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, मैसूर यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की थी। फिर साल 1969 में आईआईटी कानपुर से एमटेक की डिग्री ली। इसके बाद साल 1970 में उन्होंने पुणे के पाटनी कंप्यूटर्स में बतौर असिस्टेंट मैनेजर नौकरी की शुरूआत की।
पर्सनल लाइफ
10 फरवरी 1978 को नारायण मूर्ति की शादी सुधा मूर्ति से हुई। शादी के बाद से ही नारायण मूर्ति के जीवन में बड़ा बदलाव आना शुरू हो गया था। एनआर नारायण मूर्ति ने कंपनी शुरू करने की जिद पकड़ ली। उन्होंने पहले सॉफ्टरोनिक्स नाम से कंपनी की शुरूआत की। लेकिन यह कंपनी असफल साबित हुई। लेकिन नारायण मूर्ति अपनी जिद पर बरकरार रहे।
इंफोसिस की नींव
साल 1981 में नारायण मूर्ति ने अपने 6 साथियों के साथ कंपनी शुरू करने का विचार बनाया। इस दौरान वह अपनी पत्नी के साथ एक कमरे के मकान में रहते थे। नारायण मूर्ति ने इंफोसिस कंपनी की शुरूआत करने के लिए अपनी पत्नी से 10 हजार रुपए उधार लिए। पुणे के एक अपार्टमेंट से इस कंपनी की शुरूआत हुई। वहीं साल 1983 में कंपनी का मुख्यालय पुणे से बेंगलुरु ट्रांसफर कर दिया गया।
करोड़ों की है कंपनी
इंफोसिस का बिजनेस अमेरिका और इंग्लैंड सहित दुनिया के कई देशों में है। साल 1981 से लेकर 2002 तक वह कंपनी के सीईओ रहे। उनके नेतृत्व में इंफोसिस दुनिया की बड़ी कंपनियों के बराबर में जा खड़ी हुई।
सम्मान
भारत सरकार की ओर से साल 2008 में नारायण मूर्ति को पद्मश्री से सम्मानित किया गया। फिर साल 2008 में उनको पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। वहीं साल 2008 में फ्रांस सरकार ने एनआर नारायण मूर्ति को ‘ऑफिसर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया गया था।

