ईरान की अर्थव्यवस्था पर ‘डबल अटैक’, UAE के फैसले से री-एक्सपोर्ट और डॉलर सप्लाई पर संकट

ईरान की अर्थव्यवस्था पर ‘डबल अटैक’, UAE के फैसले से री-एक्सपोर्ट और डॉलर सप्लाई पर संकट

Iran Economy Crisis: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) द्वारा ईरान के साथ सभी प्रकार के व्यापारिक, वाणिज्यिक और वित्तीय लेन-देन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का निर्णय ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है। यह कदम ईरान के उस प्रमुख आर्थिक रास्ते को बंद कर सकता है, जिसके जरिए वह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और अमेरिकी दबाव से बचकर अपनी अर्थव्यवस्था को चला रहा था।

यूएई का प्रतिबंध, री-एक्सपोर्ट का नुकसान

यूएई (विशेषकर दुबई) ईरान के लिए तीसरे देशों से सामान मंगवाने और री-एक्सपोर्ट का सबसे बड़ा जरिया रहा है। ईरान के कुल आयात का लगभग एक तिहाई हिस्सा यूएई के माध्यम से आता था। दुबई का वित्तीय बाजार ईरान को अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग प्रतिबंधों के बीच विदेशी मुद्रा (विशेषकर अमेरिकी डॉलर) हासिल करने में मदद करता था।

अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी और प्रतिबंधों के बीच यूएई का यह कदम ईरान की मुद्रा, बढ़ती महंगाई और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भारी दबाव डालेगा। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने ईरान की ओर से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाने का दावा किया, जो समुद्री यातायात के पास गिरीं। जबकि ईरानी विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया है। क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता का हवाला देते हुए यूएई ने तुरंत प्रभाव से सभी वित्तीय और व्यापारिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है।

अमेरिकी प्रतिबंधों से ज्यादा अहम

अमेरिका के प्रतिबंधों और ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसेना द्वारा की जा रही घेराबंदी का जिक्र करते हुए, अमेरिका के रिटायर्ड जनरल और पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्क किमिट ने कहा, “कई मायनों में, UAE का लगाया गया प्रतिबंध अमेरिका के प्रतिबंधों से भी ज्यादा अहम है।”

ईरान दुनिया के उन देशों में से एक है, जिन पर सबसे ज्यादा प्रतिबंध लगे हैं। दशकों से उस पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू हैं। कुल मिलाकर, प्रतिबंधों के कारण ईरान की प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 2012 में 8,000 डॉलर से गिरकर 2024 में 5,000 डॉलर हो गई है।

UAE का ईरान के साथ व्यापार

‘ऑब्जर्वेटरी ऑफ इकोनॉमिक कॉम्प्लेक्सिटी’ (OEC) के सबसे हालिया व्यापार आंकड़ों के अनुसार, 2023 में UAE और ईरान के बीच आधिकारिक सामानों का व्यापार 6.2 अरब डॉलर का था। UAE से ईरान को किए गए निर्यात की कीमत लगभग 5.8 अरब डॉलर थी, जबकि बदले में लगभग 450 मिलियन डॉलर मूल्य के सामान का आयात किया गया था।

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