मुंगेर विश्वविद्यालय के स्नातक सीबीसीएस सेमेस्टर-5 (सत्र 2023-27) के परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ी को लेकर बुधवार को छात्रों ने परीक्षा विभाग के सामने प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से परिणाम में हुई त्रुटियों को तत्काल दूर कर संशोधित परीक्षाफल जारी करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान परीक्षा नियंत्रक प्रो. दशरथ प्रजापति और विद्यार्थियों के बीच बहस भी हुई। छात्र नेताओं का आरोप है कि सेमेस्टर-5 के परीक्षा परिणाम में हजारों छात्र-छात्राओं के अंक और परीक्षा संबंधी विवरण में गड़बड़ी हुई है। कई विद्यार्थियों ने इंटर्नशिप प्रमाण-पत्र और रिपोर्ट समय पर जमा की थी, इसके बावजूद उनके परिणाम में ‘एबी’ यानी अनुपस्थित दर्ज कर दिया गया है। वहीं, परीक्षा में सफल रहे कई विद्यार्थियों का परिणाम ‘पेंडिंग’ दिखाया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ी से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। रिजल्ट सुधारने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप छात्र नेता श्रवण कुमार ने आरोप लगाया कि रिजल्ट में सुधार कराने के नाम पर परीक्षा विभाग के कुछ कर्मियों द्वारा विद्यार्थियों से एक से दो हजार रुपये तक की राशि मांगने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक से शिकायत कर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। कार्रवाई को लेकर परीक्षा नियंत्रक से बहस छात्रों के अनुसार, शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने के बजाय परीक्षा नियंत्रक ने कुलपति से चर्चा करने की बात कही। इसी मुद्दे को लेकर विद्यार्थियों में असंतोष बढ़ गया और परीक्षा नियंत्रक तथा छात्रों के बीच तीखी बहस हुई। नामांकन और प्रतियोगी परीक्षाओं पर असर की चिंता प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि गलत परिणाम के कारण कई विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई, नामांकन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है। छात्रों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने दोषी कर्मियों पर कार्रवाई करने और सभी त्रुटिपूर्ण परिणामों में तत्काल सुधार कर संशोधित परीक्षाफल जारी करने की मांग की। बड़ी संख्या में छात्र रहे मौजूद प्रदर्शन में छात्र नेता आनंद कुमार, कौशल कुमार, मनीष यादव, संतोष यादव, छोटू कुमार, अंशुमन कुमार और सुमित कुमार समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। मुंगेर विश्वविद्यालय के स्नातक सीबीसीएस सेमेस्टर-5 (सत्र 2023-27) के परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ी को लेकर बुधवार को छात्रों ने परीक्षा विभाग के सामने प्रदर्शन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से परिणाम में हुई त्रुटियों को तत्काल दूर कर संशोधित परीक्षाफल जारी करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान परीक्षा नियंत्रक प्रो. दशरथ प्रजापति और विद्यार्थियों के बीच बहस भी हुई। छात्र नेताओं का आरोप है कि सेमेस्टर-5 के परीक्षा परिणाम में हजारों छात्र-छात्राओं के अंक और परीक्षा संबंधी विवरण में गड़बड़ी हुई है। कई विद्यार्थियों ने इंटर्नशिप प्रमाण-पत्र और रिपोर्ट समय पर जमा की थी, इसके बावजूद उनके परिणाम में ‘एबी’ यानी अनुपस्थित दर्ज कर दिया गया है। वहीं, परीक्षा में सफल रहे कई विद्यार्थियों का परिणाम ‘पेंडिंग’ दिखाया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि इस तरह की गड़बड़ी से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। रिजल्ट सुधारने के नाम पर पैसे मांगने का आरोप छात्र नेता श्रवण कुमार ने आरोप लगाया कि रिजल्ट में सुधार कराने के नाम पर परीक्षा विभाग के कुछ कर्मियों द्वारा विद्यार्थियों से एक से दो हजार रुपये तक की राशि मांगने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक से शिकायत कर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। कार्रवाई को लेकर परीक्षा नियंत्रक से बहस छात्रों के अनुसार, शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने के बजाय परीक्षा नियंत्रक ने कुलपति से चर्चा करने की बात कही। इसी मुद्दे को लेकर विद्यार्थियों में असंतोष बढ़ गया और परीक्षा नियंत्रक तथा छात्रों के बीच तीखी बहस हुई। नामांकन और प्रतियोगी परीक्षाओं पर असर की चिंता प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि गलत परिणाम के कारण कई विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई, नामांकन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित हो रही है। छात्रों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने दोषी कर्मियों पर कार्रवाई करने और सभी त्रुटिपूर्ण परिणामों में तत्काल सुधार कर संशोधित परीक्षाफल जारी करने की मांग की। बड़ी संख्या में छात्र रहे मौजूद प्रदर्शन में छात्र नेता आनंद कुमार, कौशल कुमार, मनीष यादव, संतोष यादव, छोटू कुमार, अंशुमन कुमार और सुमित कुमार समेत बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

