यूपी विजिलेंस ने एनआरएचएम घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व विधायक मुकेश कुमार श्रीवास्तव के सगे भाई अजय कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बुधवार को तीन ठिकानों पर छापेमारी की। सर्च के दौरान करीब 28 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति का पता चला है। जब यूपी में एनआरएचएम घोटाला हुआ था उस समय अजय कुमार श्रीवास्तव बलरामपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में लिपिक थे। सतर्कता विभाग की खुली जांच में उनके पास आय से 763.65 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अयोध्या सेक्टर थाने में दर्ज किया गया था। शासन के निर्देश पर विवेचना सतर्कता अधिष्ठान अयोध्या सेक्टर कर रहा है। मामले की जांच में कोर्ट से सर्च वॉरंट लेकर तीन टीमों ने गोण्डा और लखनऊ के इन ठिकानों पर छापा मारा। लखनऊ में मिला 108 कमरों वाला हाेटल मूल रूप से पयागपुर, बहराइच के रहने वाले अजय के गोेंडा के जानकीनगर स्थित आवास, लखनऊ में मटियारी तिराहे के पास मिलेनिया रिजेन्सी होटल और इंदिरानगर स्थित मकान शामिल है। तलाशी के दौरान अजय और उनके परिवार के नाम पर बड़ी संख्या में चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज मिले। अचल संपत्ति में गोण्डा, लखनऊ और आसपास के कई भूखंड व प्लाट शामिल हैं। बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती में कृषि भूमि पाई गई। इन अचल संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 3 करोड़ रुपये है। सबसे बड़ी संपत्ति लखनऊ का 6 मंजिला मिलेनिया रिजेन्सी होटल निकली। 108 कमरों वाले इस होटल की साज-सज्जा और विलासिता की वस्तुओं पर करीब 5 करोड़ तथा निर्माण पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए। पटेलनगर स्थित तीन मंजिला आवास (अजय और उनके भाई की पत्नियों के संयुक्त नाम) में साज-सज्जा पर 70 लाख, निर्माण पर 2 करोड़ तथा अन्य निवेश के 50 लाख रुपये के दस्तावेज मिले हैं। इंदिरानगर के ए-331 में 4000 वर्ग फीट में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत जो पत्नी और भाई की पत्नी के नाम है, का मूल्यांकन करीब 80 लाख रुपये किया गया है। गोण्डा के घर का निर्माण की लागत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। वहां परिवार मौजूद न होने पर घर को सील कर दिया गया। परिवारजनों के नाम पर संचालित कंपनियों की जानकारी भी मिली है, जिस पर अलग से कार्रवाई चल रही है।

