केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा बॉर्डर तक जाने वाली सड़क को फोरलेन में बदलने की मंजूरी दे दी है। यह परियोजना 82.578 किलोमीटर लंबी होगी, जिसके निर्माण पर 3,590.73 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह सड़क वर्तमान में दो लेन की है, जिसे अब चार लेन में अपग्रेड किया जाएगा। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत बनने वाली इस परियोजना से उत्तर बिहार में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, रोजगार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने इस मंजूरी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सीतामढ़ी लोकसभा क्षेत्र की जनता का आभार जताया। लंबे समय से फोरलेन करने की आवश्यकता उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा मार्ग पर बढ़ते यातायात के कारण इसे फोरलेन करने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर इस सड़क को चार लेन करने का आग्रह किया था, जिसके बाद यह प्रस्ताव आगे बढ़ा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा इस खंड को फोरलेन मानक में विकसित करने की स्वीकृति दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उत्तर बिहार की सड़क कनेक्टिविटी सुधरेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना उत्तर बिहार की सड़क कनेक्टिविटी को सुधारेगी और उत्पादों के परिवहन, व्यापार एवं वाणिज्यिक गतिविधियों का विस्तार करेगी। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को भी गति मिलेगी। सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने भी दोहराया कि यह परियोजना सीतामढ़ी सहित पूरे उत्तर बिहार के विकास को नई रफ्तार देगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा बॉर्डर तक जाने वाली सड़क को फोरलेन में बदलने की मंजूरी दे दी है। यह परियोजना 82.578 किलोमीटर लंबी होगी, जिसके निर्माण पर 3,590.73 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह सड़क वर्तमान में दो लेन की है, जिसे अब चार लेन में अपग्रेड किया जाएगा। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत बनने वाली इस परियोजना से उत्तर बिहार में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, रोजगार और अन्य आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने इस मंजूरी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सीतामढ़ी लोकसभा क्षेत्र की जनता का आभार जताया। लंबे समय से फोरलेन करने की आवश्यकता उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा मार्ग पर बढ़ते यातायात के कारण इसे फोरलेन करने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर इस सड़क को चार लेन करने का आग्रह किया था, जिसके बाद यह प्रस्ताव आगे बढ़ा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा इस खंड को फोरलेन मानक में विकसित करने की स्वीकृति दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उत्तर बिहार की सड़क कनेक्टिविटी सुधरेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना उत्तर बिहार की सड़क कनेक्टिविटी को सुधारेगी और उत्पादों के परिवहन, व्यापार एवं वाणिज्यिक गतिविधियों का विस्तार करेगी। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को ‘विकसित बिहार’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को भी गति मिलेगी। सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने भी दोहराया कि यह परियोजना सीतामढ़ी सहित पूरे उत्तर बिहार के विकास को नई रफ्तार देगी।

