सोनू राम हत्याकांड में 3 महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं:सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आक्रोश मार्च की चेतावनी, 8 मई को मिली थी लाश

सोनू राम हत्याकांड में 3 महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं:सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आक्रोश मार्च की चेतावनी, 8 मई को मिली थी लाश

नालंदा के अस्थावां निवाली सोनू राम की संदिग्ध स्थिति में हत्या हुई थी। जमीन पर कब्जा किया गया था। मामले में चंद्रवांशी परिवार संघ ने बुधवार को पीसी की। संघ के नेता कौशल कुमार ने आरोप लगाया कि सौनू राम की हत्या भू-माफियाओं की साजिश के तहत हुई है। 3 महीने बीत जाने के बाद भी मानपुर थाना पुलिस ने नामजद अरापियों को गिरफ्तार नहीं किया है। एकसप्ताह में गिरफ्तारी नहीं हुई तो आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। कौशल कुमार ने बताया कि अस्थावां के रहने वाले दारा यादव, बिकेश यादव और मुकेश यादव ने डरा-धमका कर सोनू राम की पुश्तैनी जमीन अपने नाम लिखवा ली थी। जब सोनू की पत्नी माधुरी देवी और बेटे को इसकी जानकारी हुई और उन्होंने पैसे की मांग की, तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। 4 मई को सोनू घर से निकले और लापता हो गए। 8 मई को मानपुर थाना क्षेत्र में उनका शव बरामद हुआ। उनकी जेब में मिले आधार कार्ड से उनकी शिनाख्त हुई। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल 9 मई को माधुरी देवी ने दारा यादव, बिकेश यादव और मुकेश यादव के खिलाफ मानपुर थाने में अपहरण कर हत्या करने की नामजद FIR दर्ज कराई थी। कौशल कुमार का आरोप है कि पुलिस पिछले 3 महीने से टालमटोल कर रही है। कभी सुराग न मिलने का तो कभी डीएसपी के सुपरविजन का बहाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि थाना प्रभारी आरोपियों से मिले हुए हैं और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि आरोपी अब केस वापस लेने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम परिजनों ने एसपी और डीएसपी से भी गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। चंद्रवंशी परिवार संघ ने पुलिस-प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर एक सप्ताह के अंदर सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और सोनू के परिवार को उनकी जमीन वापस नहीं दिलाई गई, तो बिहारशरीफ जिला मुख्यालय में विशाल ‘आक्रोश मार्च’ निकाला जाएगा और पूरे बिहार में आंदोलन किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक कुमार, संतोष भारती, निशांत कुमार, सुनील कुमार और सबलू कुमार भी मौजूद रहे। नालंदा के अस्थावां निवाली सोनू राम की संदिग्ध स्थिति में हत्या हुई थी। जमीन पर कब्जा किया गया था। मामले में चंद्रवांशी परिवार संघ ने बुधवार को पीसी की। संघ के नेता कौशल कुमार ने आरोप लगाया कि सौनू राम की हत्या भू-माफियाओं की साजिश के तहत हुई है। 3 महीने बीत जाने के बाद भी मानपुर थाना पुलिस ने नामजद अरापियों को गिरफ्तार नहीं किया है। एकसप्ताह में गिरफ्तारी नहीं हुई तो आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। कौशल कुमार ने बताया कि अस्थावां के रहने वाले दारा यादव, बिकेश यादव और मुकेश यादव ने डरा-धमका कर सोनू राम की पुश्तैनी जमीन अपने नाम लिखवा ली थी। जब सोनू की पत्नी माधुरी देवी और बेटे को इसकी जानकारी हुई और उन्होंने पैसे की मांग की, तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। 4 मई को सोनू घर से निकले और लापता हो गए। 8 मई को मानपुर थाना क्षेत्र में उनका शव बरामद हुआ। उनकी जेब में मिले आधार कार्ड से उनकी शिनाख्त हुई। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल 9 मई को माधुरी देवी ने दारा यादव, बिकेश यादव और मुकेश यादव के खिलाफ मानपुर थाने में अपहरण कर हत्या करने की नामजद FIR दर्ज कराई थी। कौशल कुमार का आरोप है कि पुलिस पिछले 3 महीने से टालमटोल कर रही है। कभी सुराग न मिलने का तो कभी डीएसपी के सुपरविजन का बहाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि थाना प्रभारी आरोपियों से मिले हुए हैं और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि आरोपी अब केस वापस लेने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम परिजनों ने एसपी और डीएसपी से भी गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। चंद्रवंशी परिवार संघ ने पुलिस-प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर एक सप्ताह के अंदर सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और सोनू के परिवार को उनकी जमीन वापस नहीं दिलाई गई, तो बिहारशरीफ जिला मुख्यालय में विशाल ‘आक्रोश मार्च’ निकाला जाएगा और पूरे बिहार में आंदोलन किया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अशोक कुमार, संतोष भारती, निशांत कुमार, सुनील कुमार और सबलू कुमार भी मौजूद रहे।  

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