गयाजी में पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विद्युत विभाग ने तैयारी कर ली है। इसका उद्देश्य मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बिना किसी बाधा के बिजली उपलब्ध कराना है। विभाग ध्यान केंद्रित कर रहा है कि मेले के दौरान बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान न आए और किसी भी आकस्मिक स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार इन तैयारियों और रखरखाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में अभियंताओं और तकनीकी कर्मियों की टीमें प्रतिष्ठानों और मेला क्षेत्र का नियमित निरीक्षण कर रही है। संभावित विद्युत समस्याओं वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पितृपक्ष मेले के दौरान बिजली की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए विभाग ने विद्युत नेटवर्क को मजबूत करने का अभियान चलाया है। इसके तहत जर्जर तारों, पोल, ट्रांसफॉर्मर, फीडर और सब-स्टेशनों की जांच की जा रही है। जहां भी मरम्मत या रखरखाव की आवश्यकता है, वहां कराया जा रहा है। बिजली बिल में सुधार के लिए शिविर भी लगा है विभागीय अधिकारियों का मानना है कि मेले के दौरान मजबूत बिजली व्यवस्था के लिए केवल नियमित आपूर्ति ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वैकल्पिक और बैकअप व्यवस्था भी तैयार रहनी चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में तैयारियां की जा रही हैं। विद्युत बिलों में सुधार के लिए एक विशेष शिविर भी आयोजित किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, इस शिविर के तहत अब तक 302 उपभोक्ताओं के आवेदन प्राप्त हुए हैं, और उनके विद्युत बिलों में सुधार की प्रक्रिया सफलतापूर्वक की जा रही है। यह शिविर 22 अगस्त तक चलेगा।
विभाग की टेक्निकल टीम कर रही गश्त विभाग की तकनीकी टीमें मेला क्षेत्र और आसपास के इलाकों में लगातार गश्त और निरीक्षण कर रही हैं। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित तकनीकी खराबी का समय रहते पता लगाना और उसे बड़ी समस्या बनने से पहले दूर करना है। विभागीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अचानक बिजली आपूर्ति बाधित होने या किसी अन्य तकनीकी समस्या के सामने आने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए भी आवश्यक व्यवस्था तैयार की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि किसी भी आकस्मिक खराबी को कम से कम समय में दूर कर बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके। गयाजी में पितृपक्ष मेला-2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विद्युत विभाग ने तैयारी कर ली है। इसका उद्देश्य मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बिना किसी बाधा के बिजली उपलब्ध कराना है। विभाग ध्यान केंद्रित कर रहा है कि मेले के दौरान बिजली आपूर्ति में कोई व्यवधान न आए और किसी भी आकस्मिक स्थिति से तत्काल निपटा जा सके। कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार इन तैयारियों और रखरखाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में अभियंताओं और तकनीकी कर्मियों की टीमें प्रतिष्ठानों और मेला क्षेत्र का नियमित निरीक्षण कर रही है। संभावित विद्युत समस्याओं वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पितृपक्ष मेले के दौरान बिजली की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए विभाग ने विद्युत नेटवर्क को मजबूत करने का अभियान चलाया है। इसके तहत जर्जर तारों, पोल, ट्रांसफॉर्मर, फीडर और सब-स्टेशनों की जांच की जा रही है। जहां भी मरम्मत या रखरखाव की आवश्यकता है, वहां कराया जा रहा है। बिजली बिल में सुधार के लिए शिविर भी लगा है विभागीय अधिकारियों का मानना है कि मेले के दौरान मजबूत बिजली व्यवस्था के लिए केवल नियमित आपूर्ति ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वैकल्पिक और बैकअप व्यवस्था भी तैयार रहनी चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में तैयारियां की जा रही हैं। विद्युत बिलों में सुधार के लिए एक विशेष शिविर भी आयोजित किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, इस शिविर के तहत अब तक 302 उपभोक्ताओं के आवेदन प्राप्त हुए हैं, और उनके विद्युत बिलों में सुधार की प्रक्रिया सफलतापूर्वक की जा रही है। यह शिविर 22 अगस्त तक चलेगा।
विभाग की टेक्निकल टीम कर रही गश्त विभाग की तकनीकी टीमें मेला क्षेत्र और आसपास के इलाकों में लगातार गश्त और निरीक्षण कर रही हैं। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित तकनीकी खराबी का समय रहते पता लगाना और उसे बड़ी समस्या बनने से पहले दूर करना है। विभागीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अचानक बिजली आपूर्ति बाधित होने या किसी अन्य तकनीकी समस्या के सामने आने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए भी आवश्यक व्यवस्था तैयार की जा रही है। विभाग का प्रयास है कि किसी भी आकस्मिक खराबी को कम से कम समय में दूर कर बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके।

