Pakistan Government on imran khan: पाकिस्तान में जेल की सजा काट रहे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के मेडिकल चेकअप को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को स्वास्थ्य जांच के लिए एक निजी अस्पताल में ले जाने का आदेश दिया था। अब पाकिस्तान सरकार ने इस आदेश को चुनौती देने का फैसला किया है। सरकार सर्वोच्च अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है।
सरकारी सुविधाओं के इस्तेमाल पर सरकार का जोर
पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर रेडियो पाकिस्तान का एक वीडियो साझा करते हुए सरकार का आधिकारिक रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर असहमति जताते हुए कहा कि यह आदेश कानूनी दायरे में फिट नहीं बैठता है। सरकार अपनी पुनर्विचार याचिका के जरिए अदालत के सामने यह तर्क रखेगी कि 73 वर्षीय इमरान खान का इलाज किसी निजी अस्पताल के बजाय सरकारी चिकित्सा संस्थानों में ही करवाया जाए। कानून मंत्री का स्पष्ट रूप से मानना है कि जब तक यह सिद्ध न हो जाए कि देश के सरकारी अस्पताल पूर्व प्रधानमंत्री को आवश्यक चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने में पूरी तरह से अक्षम हैं, तब तक उन्हें किसी निजी सुविधा में स्थानांतरित करना तार्किक नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट की रियायतें और सख्त चेतावनियां
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने इमरान खान के स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं को संज्ञान में लेते हुए उन्हें 48 घंटे के भीतर इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने का निर्देश दिया था। अदालत ने मानवीय आधार पर उन्हें हफ्ते में एक बार परिवार से मुलाकात करने और दो बार अपने बेटों से फोन पर बात करने की मोहलत भी दी थी।
इसके अलावा, उनकी बहन डॉ. उज्मा खान और निजी चिकित्सक फैसल सुल्तान को भी इस चिकित्सा प्रक्रिया का हिस्सा बनने की अनुमति दी गई थी। हालांकि, अदालत ने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अस्पताल परिसर को किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधि या सार्वजनिक सभा का केंद्र न बनाया जाए। शर्तों का उल्लंघन होने की स्थिति में अदालत ने अपना फैसला वापस लेने की बात भी कही है।
कई मामलों में दोषी करार दिए गए हैं इमरान खान
बता दें कि 2018 से 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को कई मामलों में दोषी करार देते हुए 17-17 साल कैद की सजा सुनाई गई थी।
सत्ता से बेदखल होने और मई 2023 में गिरफ्तारी के बाद से ही वे लगातार इन मुकदमों को राजनीति से प्रेरित बताते आए हैं। इस साल उनके परिवार और वकीलों ने उनकी दाईं आंख की रोशनी काफी हद तक चले जाने का दावा भी किया था। अब इस पूरे मामले और मेडिकल जांच को लेकर अगली सुनवाई 16 सितंबर को मुकर्रर की गई है।

