औरंगाबाद के ओबरा थाना क्षेत्र में एनएच-139 पर मंगलवार की देर रात हुए सड़क हादसे में 22 साल के अभिषेक कुमार की मौत हो गई। महथु गांव में पेट्रोल पंप के पास हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। सबसे दुखद पहलू ये कि अभिषेक खुद सड़क दुर्घटना रोकथाम समिति का सक्रिय सदस्य था और हादसे में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने में हमेशा आगे रहता था। दूसरों की जिंदगी बचाने वाले इसी युवक की सड़क दुर्घटना में जान चली गई। अभिषेक ओबरा थाना क्षेत्र के महथु गांव के रहने वाले केदार प्रसाद का सबसे बड़ा बेटा था। वो टेंट-पंडाल का काम करता था और अपने परिवार के भरण-पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। चार भाई-बहनों के परिवार में अभिषेक की मौत की सूचना मिलते ही मातम पसर गया। सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई बाइक सड़क दुर्घटना रोकथाम समिति के अध्यक्ष पुष्कर अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार की रात करीब 11 बजे अभिषेक शंकरपुर से बाइक से अपने घर महथु लौट रहा था। इसी दौरान महथु गांव के समीप पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे एक ट्रक खड़ा था। आरोप है कि परिवहन विभाग की ओर से ट्रक को रोककर कथित रूप से अवैध वसूली की जा रही थी। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, रात के अंधेरे में सड़क किनारे खड़ा ट्रक अभिषेक को दिखाई नहीं दिया और उसकी बाइक सीधे ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अभिषेक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और मामले की सूचना पुलिस को दी गई। समिति के पदाधिकारियों का आरोप है कि यदि सड़क किनारे इस तरह ट्रकों को अंधेरे में खड़ा कर वसूली नहीं की जाती तो हादसा टाला जा सकता था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। शव का पोस्टमार्टम सासाराम में कराया गया। अवैध वसूली के आरोप पर कार्रवाई की मांग बुधवार की सुबह सड़क दुर्घटना रोकथाम समिति के अध्यक्ष पुष्कर अग्रवाल, उपाध्यक्ष चंदन सिंह, कोषाध्यक्ष सदानंद कुमार और सदस्य आनंद विश्वकर्मा ने प्रेस को संबोधित कर घटना पर गंभीर सवाल उठाए। समिति ने हादसे के लिए परिवहन विभाग की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। समिति के पदाधिकारियों ने एक ऑडियो भी जारी किया है, जिसमें कथित तौर पर एक ट्रक मालिक द्वारा एक लाख रुपये देने की बात कही जा रही है। समिति का दावा है कि यह ऑडियो अवैध वसूली से जुड़े मामले की ओर इशारा करता है। हालांकि, ऑडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। अभिषेक की मौत के बाद समिति ने परिवहन विभाग की कथित अवैध वसूली के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। पदाधिकारियों ने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद ओबरा में शव रखकर एनएच-139 जाम किया जाएगा। साथ ही जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा देने की मांग की गई है। औरंगाबाद के ओबरा थाना क्षेत्र में एनएच-139 पर मंगलवार की देर रात हुए सड़क हादसे में 22 साल के अभिषेक कुमार की मौत हो गई। महथु गांव में पेट्रोल पंप के पास हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। सबसे दुखद पहलू ये कि अभिषेक खुद सड़क दुर्घटना रोकथाम समिति का सक्रिय सदस्य था और हादसे में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने में हमेशा आगे रहता था। दूसरों की जिंदगी बचाने वाले इसी युवक की सड़क दुर्घटना में जान चली गई। अभिषेक ओबरा थाना क्षेत्र के महथु गांव के रहने वाले केदार प्रसाद का सबसे बड़ा बेटा था। वो टेंट-पंडाल का काम करता था और अपने परिवार के भरण-पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। चार भाई-बहनों के परिवार में अभिषेक की मौत की सूचना मिलते ही मातम पसर गया। सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराई बाइक सड़क दुर्घटना रोकथाम समिति के अध्यक्ष पुष्कर अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार की रात करीब 11 बजे अभिषेक शंकरपुर से बाइक से अपने घर महथु लौट रहा था। इसी दौरान महथु गांव के समीप पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे एक ट्रक खड़ा था। आरोप है कि परिवहन विभाग की ओर से ट्रक को रोककर कथित रूप से अवैध वसूली की जा रही थी। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, रात के अंधेरे में सड़क किनारे खड़ा ट्रक अभिषेक को दिखाई नहीं दिया और उसकी बाइक सीधे ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अभिषेक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और मामले की सूचना पुलिस को दी गई। समिति के पदाधिकारियों का आरोप है कि यदि सड़क किनारे इस तरह ट्रकों को अंधेरे में खड़ा कर वसूली नहीं की जाती तो हादसा टाला जा सकता था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। शव का पोस्टमार्टम सासाराम में कराया गया। अवैध वसूली के आरोप पर कार्रवाई की मांग बुधवार की सुबह सड़क दुर्घटना रोकथाम समिति के अध्यक्ष पुष्कर अग्रवाल, उपाध्यक्ष चंदन सिंह, कोषाध्यक्ष सदानंद कुमार और सदस्य आनंद विश्वकर्मा ने प्रेस को संबोधित कर घटना पर गंभीर सवाल उठाए। समिति ने हादसे के लिए परिवहन विभाग की कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। समिति के पदाधिकारियों ने एक ऑडियो भी जारी किया है, जिसमें कथित तौर पर एक ट्रक मालिक द्वारा एक लाख रुपये देने की बात कही जा रही है। समिति का दावा है कि यह ऑडियो अवैध वसूली से जुड़े मामले की ओर इशारा करता है। हालांकि, ऑडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। अभिषेक की मौत के बाद समिति ने परिवहन विभाग की कथित अवैध वसूली के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। पदाधिकारियों ने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद ओबरा में शव रखकर एनएच-139 जाम किया जाएगा। साथ ही जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा देने की मांग की गई है।

