गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 60.450 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, जलस्तर में लगभग 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि जारी है। हालांकि, गंगा का पानी अभी चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर से लगभग 1.65 मीटर नीचे है। इसके बावजूद, जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। 112 बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर, जिला प्रशासन ने जिले में 112 बाढ़ राहत चौकियों को सक्रिय कर दिया है। प्रशासन का मुख्य ध्यान गंगा किनारे बसे गांवों और संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किए जा सकें। गाजीपुर जिले की सैदपुर, सदर, जमानिया, सेवराई और मोहम्मदाबाद तहसीलें बाढ़ की स्थिति से प्रभावित होती हैं। इन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों को नदी के किनारे जाने और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की सलाह दी है। वृद्धि प्रशासन के लिए चिंता गंगा का सामान्य जलस्तर 59.906 मीटर है, जबकि चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर और खतरा बिंदु 63.105 मीटर है। उच्च बाढ़ स्तर 65.220 मीटर है। मौजूदा जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे होने के बावजूद, 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की लगातार वृद्धि प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। पिछले वर्ष 2025 में गंगा का उच्चतम बाढ़ जलस्तर 64.690 मीटर दर्ज किया गया था। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से अपील की है कि जलस्तर बढ़ने की सूचना को गंभीरता से लें तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

