आगरा में सीए के घर आयकर छापा, हवाला कनेक्शन की:विदेश भेजी रकम के दस्तावेज खंगाले, रडार पर 36 प्रोफेशनल और 394 संस्थाएं

आगरा में सीए के घर आयकर छापा, हवाला कनेक्शन की:विदेश भेजी रकम के दस्तावेज खंगाले, रडार पर 36 प्रोफेशनल और 394 संस्थाएं

आयकर विभाग ने हवाला कनेक्शन की जांच के लिए मंगलवार को सीए रेहान खान के घर और माल का बाजार स्थित दफ्तर पर छापा मारा। टीम ने कई घंटे तक दस्तावेज खंगाले और पूछताछ के बाद सीए को अपने साथ ले गई। कार्रवाई में हवाला लेन-देन और विदेश भेजी गई रकम से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। आयकर विभाग की जांच शाखा की टीम मंगलवार सुबह काला महल/माल का बाजार क्षेत्र में पहुंची थी। अधिकारियों ने क्षेत्रीय लोगों से सीए रेहान खान के बारे में पूछताछ की। इसके बाद टीम ने सीए के घर और माल का बाजार स्थित दफ्तर पर कई घंटे तक दस्तावेजों की जांच की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टीम शाम करीब चार बजे तक क्षेत्र में रही और सीए को अपने साथ ले गई। कार्रवाई की चर्चा पूरे शहर में रही। हवाला से जुड़े दस्तावेज मिले, 36 प्रोफेशनल और 394 संस्थाएं जांच के दायरे में विभागीय टीम को हवाला से संबंधित दस्तावेज मिले हैं। विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, देशभर में 36 प्रोफेशनल और 394 संस्थाओं की जांच की जा रही है। ऐसे ट्रस्टों का इतिहास भी खंगाला जा रहा है, जिनके माध्यम से रकम का लेन-देन किया गया। विभाग को आशंका है कि इस तरह के लेन-देन कुछ कंपनियों के माध्यम से किए गए हो सकते हैं। फॉर्म 15 सीबी प्रमाणित करने वाले लोग भी विभाग की जांच सूची में हैं। तीन वर्षों में विदेश भेजी गई रकम और जमीन की सूचनाएं खंगालीं आयकर विभाग की जांच टीम ने पिछले तीन वर्षों में विदेश भेजी गई धनराशि और जमीन से जुड़ी सूचनाओं की जांच की। इस दौरान बड़ी रकम विदेश भेजने वाली कुछ संस्थाओं के नाम सामने आए। जांच में पाया गया कि इन संस्थाओं का अपना कारोबार और घोषित आय काफी कम थी। कुछ संस्थाओं ने आयकर रिटर्न में टर्नओवर बहुत कम दिखाया था। कुछ संस्थाएं आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर रही थीं, जबकि कुछ अपने बताए गए पते पर भी नहीं मिलीं। जांच में संस्थाओं ने विदेश रकम भेजने की वजह भाड़े का भुगतान, सॉफ्टवेयर आयात और सलाहकार की सेवाओं का भुगतान बताया। हालांकि विभागीय जांच में कुछ संस्थाओं का काम उस स्तर का भी नहीं पाया गया, जिससे इतनी बड़ी धनराशि विदेश भेजना उचित साबित हो सके। विभाग अब संबंधित दस्तावेजों और लेन-देन के स्रोत की जांच कर रहा है।

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