बीएचयू के मेडिसिन विभाग के सीनियर डॉक्टर डॉ. धीरज किशोर ने छात्रों के एक समूह पर बदसलूकी और मेडिकल कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। डॉक्टर ने मंगलवार को चीफ प्राक्टर को प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा की मांग की। शिकायत के मुताबिक, छात्रों का समूह उनके साथ आए मरीज को तत्काल देखने का दबाव बना रहा था। डॉ. धीरज किशोर ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि एक मरीज को दिखाने के लिए कुछ लोग उनके पास पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि छात्रों और कर्मचारियों को निर्धारित समय दोपहर 12 से 1 बजे तक हेल्थ डायरी के आधार पर देखा जाता है। इसके बावजूद मरीज को पहले देखने के लिए उन पर दबाव बनाया गया। तबीयत खराब थी, सुरक्षा के लिए दूसरे कमरे में गए डॉक्टर के मुताबिक, उस समय उनकी तबीयत भी खराब थी। भीड़ के दबाव को देखते हुए वह अपनी सुरक्षा के लिए कमरा नंबर 203 में चले गए। आरोप है कि उनके पीछे करीब 12 अज्ञात लोगों का समूह भी कमरे में पहुंच गया। सभी ने उन्हें घेर लिया और आक्रामक व्यवहार करने लगे। डॉक्टर का कहना है कि इस दौरान उन्हें करीब आधे घंटे तक घेरकर रखा गया। प्रोक्टोरियल गार्ड्स पर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप डॉ. धीरज किशोर ने शिकायत में कहा कि मेडिकल कार्य में बाधा डालने और उनकी सुरक्षा को लेकर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है। डॉक्टर का आरोप है कि मौके पर पहुंचे प्रोक्टोरियल गार्ड्स ने भी तत्काल कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। डॉक्टर ने लंका थाना पुलिस से भी अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है। लंका थाना प्रभारी राजकुमार ने कहा- सूचना पर पुलिस मौके पर गई थी लेकिन अभी विश्वविद्यालय से प्रार्थना पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

