मुजफ्फरपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए इस माह गुम और चोरी हुए 106 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सोमवार को एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बरामद मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को सौंपे। मोबाइल वापस मिलते ही लोगों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। छह चरणों में 745 फोन बरामद एसएसपी ने बताया कि जनवरी से अब तक ऑपरेशन मुस्कान के तहत छह चरणों में करीब 745 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 68 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस की विशेष टीम लगातार तकनीकी तरीके से मोबाइल की बरामदगी में जुटी है। मोबाइल मिलने पर बोले लोग मोतीपुर की रहने वाली सुषमा देवी ने बताया कि करीब छह महीने पहले मुजफ्फरपुर से जाते समय बस में मेरा मोबाइल गिर गया था। उम्मीद नहीं थी कि मोबाइल दोबारा मिल पाएगा। आज मोबाइल वापस मिलने से बहुत खुशी हुई। मुजफ्फरपुर की रहने वाली पुष्पांजलि कुमारी ने बताया कि करीब दो महीने पहले मेरा मोबाइल गुम हो गया था। पिछले कुछ दिनों से ऑपरेशन मुस्कान के तहत लोगों के मोबाइल मिलने की खबर देख रही थी। इसी से उम्मीद जगी और मैंने भी शिकायत दर्ज कराई। आज मोबाइल वापस मिला तो बहुत खुशी हुई। मुजफ्फरपुर के कांटी के रहने वाले हर्ष कुमार ने बताया कि करीब छह महीने पहले मेरा मोबाइल गुम हो गया था। इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने बताया कि मोबाइल हरियाणा से बरामद हुआ है। मोबाइल वापस मिलने से काफी खुशी है। डीआईयू की टीम को जिम्मेदारी मोबाइल बरामदगी के लिए जिला पुलिस की विशेष इकाई लगातार काम कर रही है। एसएसपी ने बताया कि इस अभियान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाती है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इन पुलिसकर्मियों को मिलेगा पुरस्कार एसएसपी ने बताया कि मोबाइल बरामदगी में बेहतर काम करने वाले डीआईयू के प्रभारी, सुखविंदर नयन और शंकर सिंह पुहानी को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा सिपाही अंबुज कुमार, रितेश कुमार और विपिन कुमार ने भी बेहतर काम किया है। इन पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया जाएगा। लिखित आवेदन देने की अपील एसएसपी ने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर इसकी सूचना पुलिस को जरूर दें। चोरी या छिनतई की स्थिति में थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराएं। वहीं, गुमशुदगी के मामलों में सनहा दर्ज कराया जा सकता है। गूगल लिंक से भी दे सकते सूचना पुलिस की ओर से मोबाइल गुम होने की सूचना देने के लिए गूगल लिंक और क्यूआर कोड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से लोग नियंत्रण कक्ष तक अपनी शिकायत पहुंचा सकते हैं। पुलिस का प्रयास है कि तकनीकी जांच के जरिए जल्द से जल्द मोबाइल बरामद कर उसके वास्तविक मालिक को वापस किया जाए। आगे भी जारी रहेगा अभियान एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत मोबाइल बरामदगी का अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का प्रयास है कि आने वाले समय में इसे और तेज किया जाए, ताकि लोगों के गुम या चोरी हुए मोबाइल उन्हें वापस मिल सकें। मुजफ्फरपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए इस माह गुम और चोरी हुए 106 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सोमवार को एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बरामद मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को सौंपे। मोबाइल वापस मिलते ही लोगों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। छह चरणों में 745 फोन बरामद एसएसपी ने बताया कि जनवरी से अब तक ऑपरेशन मुस्कान के तहत छह चरणों में करीब 745 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 68 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस की विशेष टीम लगातार तकनीकी तरीके से मोबाइल की बरामदगी में जुटी है। मोबाइल मिलने पर बोले लोग मोतीपुर की रहने वाली सुषमा देवी ने बताया कि करीब छह महीने पहले मुजफ्फरपुर से जाते समय बस में मेरा मोबाइल गिर गया था। उम्मीद नहीं थी कि मोबाइल दोबारा मिल पाएगा। आज मोबाइल वापस मिलने से बहुत खुशी हुई। मुजफ्फरपुर की रहने वाली पुष्पांजलि कुमारी ने बताया कि करीब दो महीने पहले मेरा मोबाइल गुम हो गया था। पिछले कुछ दिनों से ऑपरेशन मुस्कान के तहत लोगों के मोबाइल मिलने की खबर देख रही थी। इसी से उम्मीद जगी और मैंने भी शिकायत दर्ज कराई। आज मोबाइल वापस मिला तो बहुत खुशी हुई। मुजफ्फरपुर के कांटी के रहने वाले हर्ष कुमार ने बताया कि करीब छह महीने पहले मेरा मोबाइल गुम हो गया था। इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने बताया कि मोबाइल हरियाणा से बरामद हुआ है। मोबाइल वापस मिलने से काफी खुशी है। डीआईयू की टीम को जिम्मेदारी मोबाइल बरामदगी के लिए जिला पुलिस की विशेष इकाई लगातार काम कर रही है। एसएसपी ने बताया कि इस अभियान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाती है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इन पुलिसकर्मियों को मिलेगा पुरस्कार एसएसपी ने बताया कि मोबाइल बरामदगी में बेहतर काम करने वाले डीआईयू के प्रभारी, सुखविंदर नयन और शंकर सिंह पुहानी को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा सिपाही अंबुज कुमार, रितेश कुमार और विपिन कुमार ने भी बेहतर काम किया है। इन पुलिसकर्मियों को भी सम्मानित किया जाएगा। लिखित आवेदन देने की अपील एसएसपी ने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर इसकी सूचना पुलिस को जरूर दें। चोरी या छिनतई की स्थिति में थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराएं। वहीं, गुमशुदगी के मामलों में सनहा दर्ज कराया जा सकता है। गूगल लिंक से भी दे सकते सूचना पुलिस की ओर से मोबाइल गुम होने की सूचना देने के लिए गूगल लिंक और क्यूआर कोड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से लोग नियंत्रण कक्ष तक अपनी शिकायत पहुंचा सकते हैं। पुलिस का प्रयास है कि तकनीकी जांच के जरिए जल्द से जल्द मोबाइल बरामद कर उसके वास्तविक मालिक को वापस किया जाए। आगे भी जारी रहेगा अभियान एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत मोबाइल बरामदगी का अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस का प्रयास है कि आने वाले समय में इसे और तेज किया जाए, ताकि लोगों के गुम या चोरी हुए मोबाइल उन्हें वापस मिल सकें।

