भारतीय प्रवासी समुदाय की प्रमुख आवाज और जयपुर फुट यूएसए के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने एफआईए (न्यूयॉर्क–न्यूजर्सी–कनेक्टिकट–न्यू इंग्लैंड) के अध्यक्ष अंकुर वैद्य, बृहद न्यूयॉर्क सीनियर्स के अध्यक्ष अजय पटेल और एफआईए के ट्रस्टी आलोक कुमार के साथ भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की सचिव (कौंसुलर, पासपोर्ट, वीजा एवं प्रवासी भारतीय मामले) श्रीप्रिया रंगनाथन से न्यूयॉर्क में मुलाकात की। बैठक में न्यूयॉर्क स्थित भारत के महावाणिज्यदूत राजदूत बिनय श्रीकांत प्रधान भी मौजूद रहे। सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन अमेरिका के व्यापक संपर्क दौरे पर हैं। इस दौरान वह न्यूयॉर्क, टेक्सास, सैन फ्रांसिस्को और सिएटल का दौरा कर रही हैं। यात्रा का उद्देश्य भारतीय प्रवासी समुदाय से सीधे संवाद करना, उनकी समस्याओं और चुनौतियों को समझना तथा आगामी प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) सहित विभिन्न विषयों पर सुझाव लेना है। इस संपर्क अभियान के तहत न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में भी विभिन्न प्रमुख सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें की गईं। इन बैठकों में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के विभिन्न वर्गों को अपनी समस्याएं और सुझाव रखने का अवसर मिला। अमेरिका के अन्य शहरों में भी सचिव रंगनाथन प्रवासी नेताओं, सामुदायिक प्रतिनिधियों, पेशेवरों और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत कर रही हैं। बैठक के बाद प्रेम भंडारी ने कहा- मैं लगभग चार दशकों से अमेरिका में रह रहा हूं। यह पहली बार है जब मैंने सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) स्तर पर भारतीय प्रवासी समुदाय की समस्याओं और चिंताओं को व्यक्तिगत रूप से समझने के लिए अमेरिका में इतना बड़ा संपर्क अभियान देखा है। हम उनके धैर्य, सहज उपलब्धता और हमारी बात सुनने की तत्परता की हृदय से सराहना करते हैं। पासपोर्ट और कौंसुलर सेवाओं का मुद्दा उठा बैठक में प्रेम भंडारी ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों से जुड़ी कई लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को उठाया। इनमें पासपोर्ट के नवीनीकरण और दोबारा जारी करने की प्रक्रिया को सरल और एक समान बनाने, वीएफएस तथा कौंसुलर सेवाओं में सुधार और आवेदकों का शोषण करने वाले अनधिकृत एजेंटों एवं बिचौलियों पर रोक लगाने की मांग शामिल थी। एनआरआई की संपत्ति पर अवैध कब्जे की समस्या प्रवासी भारतीय दिवस को लेकर सुझाव एफआईए अध्यक्ष अंकुर वैद्य ने भी अपने लंबे अनुभव के आधार पर सुझाव दिए। वह अब तक आयोजित 18 प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलनों में से 16 में भाग ले चुके हैं। उन्होंने प्रवासी समुदाय की भागीदारी को और बढ़ाने तथा आगामी प्रवासी भारतीय दिवस को अधिक सार्थक और सफल बनाने के उपायों पर अपने विचार साझा किए। बैठक में सामुदायिक संगठनों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। जरूरतमंद लोगों की मदद करने के साथ-साथ संस्कृति, शिक्षा, व्यापार, तकनीक और मानवीय सेवा के माध्यम से भारतीय-अमेरिकी समुदाय को भारत से जोड़े रखने में इन संगठनों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया गया। ई-ओसीआई और चिपयुक्त पासपोर्ट जैसी पहल पर चर्चा बातचीत में सरकार की हालिया पहलों का भी उल्लेख हुआ। इनमें ई-ओसीआई, चिपयुक्त पासपोर्ट और फास्ट-ट्रैक इमिग्रेशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य प्रवासी भारतीयों के लिए सरकारी सेवाओं को तकनीक आधारित और अधिक सुविधाजनक बनाना है। सामुदायिक नेताओं ने प्रवासी भारतीयों के साथ सीधे और व्यापक संवाद की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन की पहल की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि विदेश मंत्रालय और अमेरिका में भारतीय सामुदायिक संगठनों के बीच लगातार संवाद से प्रवासी भारतीयों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी। साथ ही, भारत और दुनिया भर में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय के बीच संबंध और मजबूत होंगे।

