मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार को तीनों जिलों के अतिथि सहायक प्राध्यापकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिथि शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान सबसे प्रमुख मुद्दा 10 महीने से लंबित मानदेय का रहा। अतिथि सहायक प्राध्यापकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से बकाया मानदेय का यथाशीघ्र भुगतान करने की मांग की। अतिथि शिक्षकों ने कहा कि करीब 10 महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति काफी दयनीय हो गई है। लंबित मानदेय का जल्द भुगतान करने की मांग रोजमर्रा के खर्च से लेकर इलाज तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों ने कहा कि महाविद्यालयों की ओर से करीब 10 महीने पहले पे-आईडी बनाने के लिए विश्वविद्यालय को आवश्यक प्रक्रिया के तहत भेजा गया था, लेकिन अब तक पे-आईडी नहीं बन सकी है। इसके कारण मानदेय भुगतान की प्रक्रिया भी लंबित है। बैठक में मौजूद अतिथि सहायक प्राध्यापकों ने एक स्वर में विश्वविद्यालय प्रशासन से पे-आईडी बनाने की प्रक्रिया पूरी कर लंबित मानदेय का जल्द से जल्द भुगतान करने की मांग की। शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से भुगतान लंबित रहने से उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने की मांग की। मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार को तीनों जिलों के अतिथि सहायक प्राध्यापकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अतिथि शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान सबसे प्रमुख मुद्दा 10 महीने से लंबित मानदेय का रहा। अतिथि सहायक प्राध्यापकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से बकाया मानदेय का यथाशीघ्र भुगतान करने की मांग की। अतिथि शिक्षकों ने कहा कि करीब 10 महीने से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति काफी दयनीय हो गई है। लंबित मानदेय का जल्द भुगतान करने की मांग रोजमर्रा के खर्च से लेकर इलाज तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षकों ने कहा कि महाविद्यालयों की ओर से करीब 10 महीने पहले पे-आईडी बनाने के लिए विश्वविद्यालय को आवश्यक प्रक्रिया के तहत भेजा गया था, लेकिन अब तक पे-आईडी नहीं बन सकी है। इसके कारण मानदेय भुगतान की प्रक्रिया भी लंबित है। बैठक में मौजूद अतिथि सहायक प्राध्यापकों ने एक स्वर में विश्वविद्यालय प्रशासन से पे-आईडी बनाने की प्रक्रिया पूरी कर लंबित मानदेय का जल्द से जल्द भुगतान करने की मांग की। शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से भुगतान लंबित रहने से उनके सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने की मांग की।

