बिहार सरकार की ‘सहयोग शिविर’ पहल के तहत मंगलवार को कटिहार जिले की 16 पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों का पंचायत स्तर पर त्वरित और समयबद्ध समाधान करना है। इसे सरकार की ‘सरकार आपके द्वार’ अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बलरामपुर प्रखंड की लोहागढ़ा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने आम लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर बलरामपुर विधायक संगीता देवी भी उपस्थित थीं। 30 दिनों की डेडलाइन फिक्स की डीएम ने बताया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। डीएम ने जानकारी दी कि शिविर में प्राप्त शिकायतों और आवेदनों के निष्पादन के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। यदि निर्धारित अवधि में मामलों का समाधान नहीं होता है, तो संबंधित पदाधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामलों का मौके पर समाधान डीएम ने नागरिकों से अपनी समस्याओं और शिकायतों को शिविर में दर्ज कराकर इस पहल का लाभ उठाने का आग्रह किया। शिविर में राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पंचायती राज, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आपूर्ति, ग्रामीण विकास, विद्युत और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। इसके अतिरिक्त, पूर्व में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन के बाद लाभार्थियों को जन्म प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और प्रपत्र-7 पर्चा जैसे विभिन्न स्वीकृतियां और प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कैंप में लगी लोगों की भीड़ डीएम ने यह भी बताया कि नागरिक सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन और शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं, साथ ही आवेदन की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। इन शिविरों में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। बिहार सरकार की ‘सहयोग शिविर’ पहल के तहत मंगलवार को कटिहार जिले की 16 पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं और शिकायतों का पंचायत स्तर पर त्वरित और समयबद्ध समाधान करना है। इसे सरकार की ‘सरकार आपके द्वार’ अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बलरामपुर प्रखंड की लोहागढ़ा पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने आम लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस अवसर पर बलरामपुर विधायक संगीता देवी भी उपस्थित थीं। 30 दिनों की डेडलाइन फिक्स की डीएम ने बताया कि इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। डीएम ने जानकारी दी कि शिविर में प्राप्त शिकायतों और आवेदनों के निष्पादन के लिए अधिकतम 30 दिनों की समय-सीमा तय की गई है। यदि निर्धारित अवधि में मामलों का समाधान नहीं होता है, तो संबंधित पदाधिकारी जिम्मेदार होंगे और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामलों का मौके पर समाधान डीएम ने नागरिकों से अपनी समस्याओं और शिकायतों को शिविर में दर्ज कराकर इस पहल का लाभ उठाने का आग्रह किया। शिविर में राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पंचायती राज, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आपूर्ति, ग्रामीण विकास, विद्युत और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। इसके अतिरिक्त, पूर्व में प्राप्त आवेदनों के निष्पादन के बाद लाभार्थियों को जन्म प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और प्रपत्र-7 पर्चा जैसे विभिन्न स्वीकृतियां और प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कैंप में लगी लोगों की भीड़ डीएम ने यह भी बताया कि नागरिक सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन और शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं, साथ ही आवेदन की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। इन शिविरों में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

