अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के प्रमुख और पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने चंडीगढ़ में 15 अगस्त को हुए प्रदर्शन, बंदी सिंहों की रिहाई, फतेहगढ़ साहिब की घटना, पंथक एकता, सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले और आगामी चुनावों को लेकर कई सवाल उठाए। चंडीगढ़ प्रदर्शन का जिक्र करते हुए मान ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और आंसू गैस छोड़ने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल का विरोध किया। उन्होंने इसे निहत्थे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई बताते हुए कहा कि इस मामले में कानूनी तौर पर भी आवाज उठाई जाएगी। फतेहगढ़ साहिब की घटना पर मान ने आरोप लगाया कि संगत को दर्शन करवाने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अंतिम समय पर वादा पूरा नहीं किया गया। उन्होंने लाठीचार्ज और पाइपों से गंदा पानी छोड़े जाने के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की। साथ ही उन्होंने सवाल किया कि प्रदर्शन के दौरान ड्रोन के इस्तेमाल का फैसला किसके आदेश पर लिया गया। बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर मान ने कहा कि कई सिख कैदी लंबे समय से जेलों में बंद हैं। उन्होंने भाई हवारा समेत अन्य बंदी सिंहों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके परिवारों को मुलाकात की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। मान ने 21 अगस्त को बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर किए जा रहे पंजाब बंद के आह्वान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रयासों का समर्थन होना चाहिए। पंथक एकता पर मान ने कहा कि वह एकता के पक्ष में हैं। वहीं सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या कौम के खिलाफ हिंसा का समर्थन नहीं किया जा सकता। राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों का समाधान लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से होना चाहिए। एसजीपीसी चुनावों को लेकर मान ने कहा कि चुनाव जल्द करवाए जाने चाहिए। उन्होंने धार्मिक संस्थाओं में लोकतांत्रिक व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल अमृतसर पूरी तरह तैयार है और पार्टी पंजाब के अधिकारों, सिख मुद्दों और जनता से जुड़े सवालों को लेकर अपनी राजनीतिक मुहिम आगे बढ़ाएगी।

