किशनगंज में दुर्गापूजा के लिए सीमांचल के प्रवासियों की घर वापसी मुश्किल हो गई है। महाषष्ठी (16 अक्टूबर) के लिए सोमवार को खुली एडवांस आरक्षण प्रक्रिया में कोलकाता और सियालदह से ठाकुरगंज व किशनगंज आने वाली अधिकांश ट्रेनों की सीटें कुछ ही मिनटों में भर गई। सुबह 8 बजे बुकिंग शुरू होते ही 60 दिन पहले की सभी सीटें समाप्त हो गईं। सियालदह से ठाकुरगंज के लिए सीधी सेवा देने वाली 13149 कंचन कन्या एक्सप्रेस पर सबसे अधिक दबाव देखा गया। बुकिंग शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर स्लीपर, 3-इकोनॉमी, थर्ड एसी, सेकंड एसी और फर्स्ट एसी सहित लगभग सभी श्रेणियों में सीटें समाप्त हो गईं। कई श्रेणियों में तत्काल ‘रिग्रेट-नो मोर बुकिंग’ का संदेश दिखाई देने लगा, जिससे कई यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल सका। सीधी ट्रेनों में जगह न मिलने पर यात्रियों ने न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी) रूट की ट्रेनों का रुख किया, लेकिन वहां भी स्थिति बेहतर नहीं रही। 15673 अमृत भारत एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में वेटिंग 52 तक पहुंच गई। थर्ड एसी में 143 तक बुकिंग दर्ज वहीं, 13173 कंचनजंघा एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास की प्रतीक्षा सूची 93 और थर्ड एसी में 143 तक दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, 13141 तीस्ता तोरसा एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में वेटिंग 123 तक पहुंच गई। त्योहारी भीड़ का असर केवल मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों तक सीमित नहीं है। हावड़ा-एनजेपी रूट पर चलने वाली 22301 वंदे भारत एक्सप्रेस और 12041 शताब्दी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी सीटों की भारी मांग देखी जा रही है। इन ट्रेनों के चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास में लंबी प्रतीक्षा सूची दर्ज की गई है, जबकि कुछ श्रेणियों में सीटें लगभग समाप्त हो चुकी हैं। दुर्गापूजा के दौरान लाखों प्रवासी आते है घर हर साल दुर्गापूजा के दौरान कोलकाता और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत लाखों प्रवासी किशनगंज, ठाकुरगंज, अररिया, पूर्णिया सहित पूरे सीमांचल क्षेत्र में अपने घरों को लौटते हैं। इस बार बुकिंग के पहले ही दिन सीटों की ऐसी स्थिति ने आगामी दिनों में और अधिक भीड़ का संकेत दिया है, जिससे यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। यात्रियों और सामाजिक संगठनों ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) तथा पूर्व रेलवे (ईआर) प्रशासन से मांग की है कि दुर्गापूजा को देखते हुए विशेष पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाए और नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो हजारों यात्रियों को घर पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। किशनगंज में दुर्गापूजा के लिए सीमांचल के प्रवासियों की घर वापसी मुश्किल हो गई है। महाषष्ठी (16 अक्टूबर) के लिए सोमवार को खुली एडवांस आरक्षण प्रक्रिया में कोलकाता और सियालदह से ठाकुरगंज व किशनगंज आने वाली अधिकांश ट्रेनों की सीटें कुछ ही मिनटों में भर गई। सुबह 8 बजे बुकिंग शुरू होते ही 60 दिन पहले की सभी सीटें समाप्त हो गईं। सियालदह से ठाकुरगंज के लिए सीधी सेवा देने वाली 13149 कंचन कन्या एक्सप्रेस पर सबसे अधिक दबाव देखा गया। बुकिंग शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर स्लीपर, 3-इकोनॉमी, थर्ड एसी, सेकंड एसी और फर्स्ट एसी सहित लगभग सभी श्रेणियों में सीटें समाप्त हो गईं। कई श्रेणियों में तत्काल ‘रिग्रेट-नो मोर बुकिंग’ का संदेश दिखाई देने लगा, जिससे कई यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल सका। सीधी ट्रेनों में जगह न मिलने पर यात्रियों ने न्यू जलपाईगुड़ी (एनजेपी) रूट की ट्रेनों का रुख किया, लेकिन वहां भी स्थिति बेहतर नहीं रही। 15673 अमृत भारत एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में वेटिंग 52 तक पहुंच गई। थर्ड एसी में 143 तक बुकिंग दर्ज वहीं, 13173 कंचनजंघा एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास की प्रतीक्षा सूची 93 और थर्ड एसी में 143 तक दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, 13141 तीस्ता तोरसा एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में वेटिंग 123 तक पहुंच गई। त्योहारी भीड़ का असर केवल मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों तक सीमित नहीं है। हावड़ा-एनजेपी रूट पर चलने वाली 22301 वंदे भारत एक्सप्रेस और 12041 शताब्दी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी सीटों की भारी मांग देखी जा रही है। इन ट्रेनों के चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास में लंबी प्रतीक्षा सूची दर्ज की गई है, जबकि कुछ श्रेणियों में सीटें लगभग समाप्त हो चुकी हैं। दुर्गापूजा के दौरान लाखों प्रवासी आते है घर हर साल दुर्गापूजा के दौरान कोलकाता और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत लाखों प्रवासी किशनगंज, ठाकुरगंज, अररिया, पूर्णिया सहित पूरे सीमांचल क्षेत्र में अपने घरों को लौटते हैं। इस बार बुकिंग के पहले ही दिन सीटों की ऐसी स्थिति ने आगामी दिनों में और अधिक भीड़ का संकेत दिया है, जिससे यात्रियों की चिंता बढ़ गई है। यात्रियों और सामाजिक संगठनों ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) तथा पूर्व रेलवे (ईआर) प्रशासन से मांग की है कि दुर्गापूजा को देखते हुए विशेष पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाए और नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़े जाएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो हजारों यात्रियों को घर पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

