मधेपुरा के सिविल सर्जन विजय कुमार का लिफाफे में नगदी लेते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दो युवक निजी नर्सिंग होम के कार्यालय में सिविल सर्जन से बातचीत करते और लिफाफे में रखे रुपए उन्हें देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में बातचीत के दौरान निजी नर्सिंग होम के परमानेंट लाइसेंस के लिए राशि देने की बात भी सामने आती है। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। आरोपों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का दिया निर्देश डीएम ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं जिला गोपनीय शाखा के प्रभारी पदाधिकारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी को सदस्य बनाया गया है। समिति को वायरल वीडियो में सामने आए तथ्यों और आरोपों की गहन जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। वायरल वीडियो में दो युवक लिफाफे में कुछ नगदी रखकर निजी नर्सिंग होम के कार्यालय में बैठे सिविल सर्जन के पास पहुंचते दिखाई देते हैं। एक युवक लिफाफा टेबल पर रखते हुए सिविल सर्जन से बातचीत करता है। युवक और CS के बीच की बातचीत इस दौरान सिविल सर्जन पूछते हैं – कै गो है ? युवक- कम नहीं है सर। इसके बाद दूसरा युवक पहले युवक से कहता है- परमानेंट लाइसेंस के लिए सर 5 बोल रहे हैं, 2 में काम नहीं चलेगा क्या ? इस पर युवक सिविल सर्जन से कहता है- सर, ध्यान देंगे तो सब हो जाएगा। सिविल सर्जन- तोरे कहने सब हो जाएगा। युवक फिर अनुरोध करते हुए कहता है कि थोड़ा ध्यान देने से काम हो जाएगा। इस पर सिविल सर्जन कहते हैं- नहीं होगा। वापस करने का प्रयास करते दिए दिखाई वीडियो में इसके बाद सिविल सर्जन लिफाफा हाथ में लेते हैं और कुर्सी से उठकर उसे वापस करने का प्रयास करते दिखाई देते हैं। इसी दौरान युवक उनसे कहते हैं कि- सर, पांच नहीं है, ज्यादा है। आप रखिए न। हम आएंगे तो सब हो जाएगा। मात्र दो पेशेंट है। आपसे कुछ छुपा नहीं है। युवक के अनुरोध के बाद सिविल सर्जन दोबारा बैठ जाते हैं। इसके बाद दोनों युवक वहां से निकल जाते हैं। कुछ देर बाद दोनों फिर कार्यालय में पहुंचते हैं। इस बार एक युवक पीले रंग के लिफाफे में कुछ रुपये लेकर आता है और सिविल सर्जन को देता है। वीडियो में सिविल सर्जन दोनों लिफाफे लेकर उठते हुए दिखाई देते हैं। कार वाले से लाकर दिए थे 15 हजार इसके बाद सिविल सर्जन की ओर से कुछ और राशि की मांग किए जाने की बात सामने आती है। युवक जवाब देता है कि- सर, 15 हजार रुपए ही था। कार वाले से लाकर दिए हैं। वायरल वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच समिति वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान, बातचीत, रुपए के लेन-देन और लाइसेंस से जुड़े आरोपों की पड़ताल करेगी। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने वायरल वीडियो को पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ साजिश के तहत यह मनगढ़ंत वीडियो तैयार कर प्रचारित किया जा रहा है, ताकि उनकी छवि को धूमिल किया जा सके। मधेपुरा के सिविल सर्जन विजय कुमार का लिफाफे में नगदी लेते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दो युवक निजी नर्सिंग होम के कार्यालय में सिविल सर्जन से बातचीत करते और लिफाफे में रखे रुपए उन्हें देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में बातचीत के दौरान निजी नर्सिंग होम के परमानेंट लाइसेंस के लिए राशि देने की बात भी सामने आती है। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। आरोपों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का दिया निर्देश डीएम ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं जिला गोपनीय शाखा के प्रभारी पदाधिकारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी को सदस्य बनाया गया है। समिति को वायरल वीडियो में सामने आए तथ्यों और आरोपों की गहन जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। वायरल वीडियो में दो युवक लिफाफे में कुछ नगदी रखकर निजी नर्सिंग होम के कार्यालय में बैठे सिविल सर्जन के पास पहुंचते दिखाई देते हैं। एक युवक लिफाफा टेबल पर रखते हुए सिविल सर्जन से बातचीत करता है। युवक और CS के बीच की बातचीत इस दौरान सिविल सर्जन पूछते हैं – कै गो है ? युवक- कम नहीं है सर। इसके बाद दूसरा युवक पहले युवक से कहता है- परमानेंट लाइसेंस के लिए सर 5 बोल रहे हैं, 2 में काम नहीं चलेगा क्या ? इस पर युवक सिविल सर्जन से कहता है- सर, ध्यान देंगे तो सब हो जाएगा। सिविल सर्जन- तोरे कहने सब हो जाएगा। युवक फिर अनुरोध करते हुए कहता है कि थोड़ा ध्यान देने से काम हो जाएगा। इस पर सिविल सर्जन कहते हैं- नहीं होगा। वापस करने का प्रयास करते दिए दिखाई वीडियो में इसके बाद सिविल सर्जन लिफाफा हाथ में लेते हैं और कुर्सी से उठकर उसे वापस करने का प्रयास करते दिखाई देते हैं। इसी दौरान युवक उनसे कहते हैं कि- सर, पांच नहीं है, ज्यादा है। आप रखिए न। हम आएंगे तो सब हो जाएगा। मात्र दो पेशेंट है। आपसे कुछ छुपा नहीं है। युवक के अनुरोध के बाद सिविल सर्जन दोबारा बैठ जाते हैं। इसके बाद दोनों युवक वहां से निकल जाते हैं। कुछ देर बाद दोनों फिर कार्यालय में पहुंचते हैं। इस बार एक युवक पीले रंग के लिफाफे में कुछ रुपये लेकर आता है और सिविल सर्जन को देता है। वीडियो में सिविल सर्जन दोनों लिफाफे लेकर उठते हुए दिखाई देते हैं। कार वाले से लाकर दिए थे 15 हजार इसके बाद सिविल सर्जन की ओर से कुछ और राशि की मांग किए जाने की बात सामने आती है। युवक जवाब देता है कि- सर, 15 हजार रुपए ही था। कार वाले से लाकर दिए हैं। वायरल वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच समिति वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान, बातचीत, रुपए के लेन-देन और लाइसेंस से जुड़े आरोपों की पड़ताल करेगी। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार ने वायरल वीडियो को पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ साजिश के तहत यह मनगढ़ंत वीडियो तैयार कर प्रचारित किया जा रहा है, ताकि उनकी छवि को धूमिल किया जा सके।

