दरभंगा में एक युवक ने घर में फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। मृतक के पिता का आरोप है कि बेटे ने सेकेंड हैंड मोबाइल 2 हजार में खरीदा था। पुलिस मोबाइल का लोकेशन ट्रेस कर घर तक पहुंची थी। बताया जा रहा कि मोबाइल चोरी का है। पुलिस गिरफ्तारी न करने के लिए बेटे पर 10 लाख रुपए देने का दबाव बना रही थी। इसी टेंशन में बेटे ने सुसाइड किया है। वहीं, सदर एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि सोमवार को टेक्निकल सेल के एएसआई इंद्रदेव कुमार और सिपाही कुंदन कुमार युवक के घर गए थे। परिजन ने दोनों पुलिसकर्मियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू की। भीड़ ने सर्विस पिस्टल भी छीन ली। घटना बहादुरपुर थाना क्षेत्र के खराजपुर पंचायत वार्ड-9 की है। खिड़की से देखी लटकी लाश मृतक जोगेश्वर सहनी का बेटा मोनू सहनी (22) है। जिसकी लाश आज कमरे में फंदे से लटकी मिली। जिस वक्त मोनू ने सुसाइड किया, उस वक्त घर में मां-बहन थे। पिता घर से बाहर गए हुए थे। 3 घंटे तक किसी को पता नहीं चला था कि मोनू ने सुसाइड कर लिया है। परिवार के लोग उसे खाना देने के लिए खोज रहे थे। इसी दौरान परिजन ने कमरे के खिड़की से मोनू की लटकी लाश देखी।
परिजन और पुलिस दोनों ने अलग कहानी बताई मौनू के पिता ने कहा कि बेटे की मौत के बाद सोमवार को दोबारा पुलिस टीम बाइक से मेरे घर आई थी। एक बाइक पर दो और दूसरी बाइक पर एक पुलिसकर्मी बैठा था। हालांकि पुलिस ने इस घटना को अलग बताया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मोनू के परिजन ने टेक्निकल सेल की टीम को फोन किया था और कहा था कि घर में और भी कई मोबाइल मिले हैं। आकर ले जाएं। पुलिस की टीम वहां पहुंची तो परिजन और स्थानीय ग्रामीणों ने घेरकर मारपीट की। आत्महत्या के कारण का पता लगा रही पुलिस घटना के बाद बहादुरपुर थाना की पुलिस ने मोनू सहनी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। युवक ने किन परिस्थितियों में आत्महत्या की इसपर भी अनुसंधान हो रहा।
घायल पुलिस वालों को डीएमसीएच में भर्ती कराया- एसडीपीओ सदर एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि पुलिसकर्मियों से मारपीट की सूचना मिलते ही बहादुरपुर थाना, लहेरियासराय थाना, बेंता थाना, एपीएम थाना और अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। मैं खुद भी पहुंचा। पुलिस के पहुंचने के बाद करीब 1 घंटे तक लोगों के बीच फंसे दोनों पुलिसकर्मियों को बाहर निकाला गया। एसडीपीओ ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी की गई है।
पुलिस ने दोनों कर्मियों की बाइक बरामद कर ली है। वहीं, छीनी गई सर्विस पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। घायल दोनों पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया गया है।
मारपीट करने वालों को चिह्नित किया जा रहा सदर एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने कहा कि पुलिस अधिकारियों के साथ मारपीट करने, सरकारी हथियार छीनने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। घटना के बाद खराजपुर में पुलिस बल की तैनाती की गई है। दरभंगा में एक युवक ने घर में फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। मृतक के पिता का आरोप है कि बेटे ने सेकेंड हैंड मोबाइल 2 हजार में खरीदा था। पुलिस मोबाइल का लोकेशन ट्रेस कर घर तक पहुंची थी। बताया जा रहा कि मोबाइल चोरी का है। पुलिस गिरफ्तारी न करने के लिए बेटे पर 10 लाख रुपए देने का दबाव बना रही थी। इसी टेंशन में बेटे ने सुसाइड किया है। वहीं, सदर एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि सोमवार को टेक्निकल सेल के एएसआई इंद्रदेव कुमार और सिपाही कुंदन कुमार युवक के घर गए थे। परिजन ने दोनों पुलिसकर्मियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू की। भीड़ ने सर्विस पिस्टल भी छीन ली। घटना बहादुरपुर थाना क्षेत्र के खराजपुर पंचायत वार्ड-9 की है। खिड़की से देखी लटकी लाश मृतक जोगेश्वर सहनी का बेटा मोनू सहनी (22) है। जिसकी लाश आज कमरे में फंदे से लटकी मिली। जिस वक्त मोनू ने सुसाइड किया, उस वक्त घर में मां-बहन थे। पिता घर से बाहर गए हुए थे। 3 घंटे तक किसी को पता नहीं चला था कि मोनू ने सुसाइड कर लिया है। परिवार के लोग उसे खाना देने के लिए खोज रहे थे। इसी दौरान परिजन ने कमरे के खिड़की से मोनू की लटकी लाश देखी।
परिजन और पुलिस दोनों ने अलग कहानी बताई मौनू के पिता ने कहा कि बेटे की मौत के बाद सोमवार को दोबारा पुलिस टीम बाइक से मेरे घर आई थी। एक बाइक पर दो और दूसरी बाइक पर एक पुलिसकर्मी बैठा था। हालांकि पुलिस ने इस घटना को अलग बताया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मोनू के परिजन ने टेक्निकल सेल की टीम को फोन किया था और कहा था कि घर में और भी कई मोबाइल मिले हैं। आकर ले जाएं। पुलिस की टीम वहां पहुंची तो परिजन और स्थानीय ग्रामीणों ने घेरकर मारपीट की। आत्महत्या के कारण का पता लगा रही पुलिस घटना के बाद बहादुरपुर थाना की पुलिस ने मोनू सहनी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। युवक ने किन परिस्थितियों में आत्महत्या की इसपर भी अनुसंधान हो रहा।
घायल पुलिस वालों को डीएमसीएच में भर्ती कराया- एसडीपीओ सदर एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि पुलिसकर्मियों से मारपीट की सूचना मिलते ही बहादुरपुर थाना, लहेरियासराय थाना, बेंता थाना, एपीएम थाना और अन्य थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। मैं खुद भी पहुंचा। पुलिस के पहुंचने के बाद करीब 1 घंटे तक लोगों के बीच फंसे दोनों पुलिसकर्मियों को बाहर निकाला गया। एसडीपीओ ने बताया कि दोनों पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी की गई है।
पुलिस ने दोनों कर्मियों की बाइक बरामद कर ली है। वहीं, छीनी गई सर्विस पिस्टल भी बरामद कर ली गई है। घायल दोनों पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए डीएमसीएच में भर्ती कराया गया है।
मारपीट करने वालों को चिह्नित किया जा रहा सदर एसडीपीओ शुभेंद्र कुमार सुमन ने कहा कि पुलिस अधिकारियों के साथ मारपीट करने, सरकारी हथियार छीनने और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। घटना के बाद खराजपुर में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

