ahmedabad: राज्य में कैंसर के नए मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2020 में राज्य में सभी प्रकार के कैंसर के 69660 नए मामले अनुमानित थे, जो 2024 में बढ़कर 77205 हो गए। अहमदाबाद शहरी क्षेत्र के दर्ज आंकड़ों के अनुसार 0 से 74 वर्ष की आयु में हर 12 महिलाओं में एक को किसी न किसी प्रकार का कैंसर होने का जीवनकाल में जोखिम है। यह आंकड़ा सभी तरह के कैंसर का है, केवल स्तन कैंसर का नहीं।ग्लोबोकॉन 2022 के अनुसार दुनिया में करीब 1.99 करोड़ नए कैंसर मामले और 97.43 लाख मौतें हर साल होती हैं। भारत में करीब 14.13 लाख नए मामले और 9.16 लाख से अधिक मौतें अनुमानित हैं। राज्य की बात करें तो कैंसर से होने वाली मौतों का आंकड़ा वर्ष 2018 में 36325 था, जो वर्ष 2022 में बढ़कर 40356 (अनुमानित) हो गया है। जीसीआरआइ में वर्ष 2025 में कुल 26812 कैंसर मरीजों का पंजीकरण हुआ। इनमें 17665 गुजरात और 9147 अन्य राज्यों के थे। मध्यप्रदेश से 4572 और राजस्थान से 2678 मरीज उपचार के लिए पहुंचे।
महिलाओं में स्तन कैंसर प्रमुख, पुरुषों में मुंह का कैंसर
महिलाओं में गुजरात के प्रमुख कैंसर में स्तन, गर्भाशय के मुख, अंडाशय, मुंह और जीभ के कैंसर शामिल हैं। पुरुषों में मुंह, जीभ, फेफड़े, अन्ननली और प्रोस्टेट प्रमुख हैं। तंबाकू से जुड़े कैंसर पुरुषों में कुल कैंसर का करीब 56 फीसदी और महिलाओं में 18 फीसदी बताए गए हैं।
41 से 50 के बीच की ज्यादा महिलाएं
जीसीआरआइ में स्तन कैंसर के मामले 2015 में 1,916 दर्ज हुए थे। इसके अलावा वर्ष 2020 में 957, वर्ष 2021 में 1403, वर्ष 2022 में 1466, वर्ष 2023 में 1382, वर्ष 2024 में 1476 और गत वर्ष 1541 मामले दर्ज हुए। वर्ष 2025 में सर्वाधिक 469 मरीज 41-50 वर्ष तथा 436 मरीज 51-60 वर्ष आयु वर्ग के थे।
जांच से डर नहीं, समय पर इलाज का अवसर
शहर की ब्रेस्ट कैंसर सर्जन डॉ. शुभा सिन्हा के अनुसार महिलाओं को स्तन में नई गांठ, आकार या बनावट में बदलाव, त्वचा में परिवर्तन अथवा असामान्य स्राव जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। किसी भी असामान्य बदलाव पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। डॉ. सिन्हा के अनुसार जागरूकता का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि बीमारी की जल्द पहचान और सही समय पर उपचार का अवसर देना है। संतुलित जीवनशैली, तंबाकू से दूरी, नियमित स्वास्थ्य जांच और शरीर में होने वाले बदलावों के प्रति सजगता महत्वपूर्ण हैं। यदि समय रहते कैंसर रोग को पकड़ लिया जाता है तो उसके ठीक होने की संभावना बहुत अधिक हो जाती है।

