‘ईद पर उन्हें चिकन बिरयानी खिलाते थे’, मुस्लिम मॉडल रिदा थराना ने सुनाया बचपन का किस्सा, बोलीं- हमारे सामने हिंदू पड़ोसी रहते थे

‘ईद पर उन्हें चिकन बिरयानी खिलाते थे’, मुस्लिम मॉडल रिदा थराना ने सुनाया बचपन का किस्सा, बोलीं- हमारे सामने हिंदू पड़ोसी रहते थे

Rida Tharana Revelation On Hindu-Muslim: मॉडल और होस्ट रिदा थराना इन दिनों प्राइम वीडियो के रियलिटी शो ‘द ट्रेटर्स 2’ को लेकर चर्चा में हैं। शो में अपने अंदाज से दर्शकों का ध्यान खींचने वाली रिदा ने हाल ही में अपने बचपन और परिवार की सोच से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। कर्नाटक से ताल्लुक रखने वालीं रिदा ने बताया कि उनके घर में बचपन से ही अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोगों के साथ मिल-जुलकर रहने का माहौल था। उनके परिवार के लिए त्योहार सिर्फ अपने धर्म तक सीमित नहीं थे, बल्कि पड़ोसियों की खुशियों में शामिल होने का भी जरिया थे।

घर के सामने रहते थे हिंदू पड़ोसी

‘फिल्मी ग्यान’ के साथ बातचीत में रिदा ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए बताया कि उनका परिवार जिस इलाके में रहता था, वहां उनके आसपास अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोग रहते थे। उनके घर के ठीक सामने हिंदू पड़ोसी थे, जबकि पास में एक क्रिश्चियन परिवार भी रहता था। अलग-अलग धार्मिक पृष्ठभूमि होने के बावजूद सभी के बीच काफी अपनापन था।

रिदा के मुताबिक, उनके पड़ोसियों के त्योहारों में उनका परिवार भी उसी उत्साह से शामिल होता था। क्रिसमस के मौके पर उनके पड़ोसी उनके घर मिठाइयां लेकर आते थे। इसके बदले रमजान के दौरान रिदा का परिवार भी पड़ोसियों के साथ अपनी खुशियां साझा करता था।

ईद पर पड़ोसियों को खिलाते थे बिरयानी

रिदा ने बताया कि ईद के मौके पर उनके घर में बनने वाली बिरयानी भी पड़ोसियों तक पहुंचती थी। परिवार में जब चिकन बिरयानी बनती थी, तो उसे सिर्फ घर तक सीमित नहीं रखा जाता था, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के साथ भी बांटा जाता था।

उनके लिए त्योहारों की खूबसूरती ही यही थी कि अलग-अलग समुदायों के लोग एक-दूसरे के घर जाते थे और खुशियां साझा करते थे। यही वजह है कि बचपन से ही रिदा के मन में सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना विकसित हुई।

दिवाली पर खरीदते थे पटाखे

रिदा ने यह भी बताया कि उनके परिवार में सिर्फ मुस्लिम त्योहार ही नहीं, बल्कि हिंदू और दूसरे समुदायों के त्योहार भी उत्साह के साथ मनाए जाते थे। दिवाली के दौरान वे पड़ोसियों के साथ मिलकर त्योहार मनाते और पटाखे भी खरीदते थे। वहीं, ओणम जैसे त्योहारों पर मलयाली पड़ोसियों के साथ खुशियां साझा करने की परंपरा भी उनके घर में थी।

पिता की सीख ने बनाया सोचने का नजरिया

रिदा के मुताबिक, उनके पिता ने उन्हें बचपन से ही इंसानों को धर्म के आधार पर अलग-अलग नजरिए से नहीं देखने की सीख दी। उनके लिए जरूरी था कि हर व्यक्ति की पृष्ठभूमि को समझा जाए और उसका सम्मान किया जाए।

रिदा की बचपन की यह कहानी बताती है कि उनके परिवार में धार्मिक विविधता को लेकर सोच कितनी सहज थी। अलग-अलग त्योहारों को साथ मिलकर मनाने और एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होने का यह अनुभव आज भी उनकी यादों का हिस्सा है। ‘द ट्रेटर्स 2’ में नजर आ रहीं रिदा का यह किस्सा सोशल मीडिया और दर्शकों के बीच भी चर्चा का विषय बन सकता है।

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