संभल में माहिष्मती नदी की सफाई:12.5 किमी में पुराने स्वरूप में लौटेगी माहिष्मती नदी, डेढ़ किमी काम पूरा

संभल में माहिष्मती नदी की सफाई:12.5 किमी में पुराने स्वरूप में लौटेगी माहिष्मती नदी, डेढ़ किमी काम पूरा

संभल में माहिष्मती नदी को उसके पुराने स्वरूप में बहाल करने के लिए प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण बिश्नोई ने नदी के प्रवाह क्षेत्र का निरीक्षण किया। तहसील संभल क्षेत्र में करीब 12.5 किलोमीटर के दायरे में राजस्व नक्शों के आधार पर नदी के प्रवाह क्षेत्र का चिन्हांकन कर विस्तृत विवरण तैयार किया गया है। डीएम ने बताया कि नदी के उद्गम स्थल से लेकर नहर में उसके संगम तक पूरे क्षेत्र में काम कराया जा रहा है। करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में कार्य पूरा हो चुका है। इसका असर पहली बारिश में ही दिखाई दिया और नदी में पानी बहता नजर आया। थाना नखासा क्षेत्र के रसूलपुर गांव के ग्रामीणों ने प्रशासनिक टीम को बताया कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार नदी में पानी देखा है। नदी में पानी लौटने से ग्रामीणों में खुशी है। 80 प्रतिशत काम अभी बाकी प्रशासन के अनुसार, नदी की लंबाई करीब 12.5 किलोमीटर है और इसका कुछ हिस्सा कस्बे के भीतर से भी गुजरता है। यहां लगातार चिन्हांकन किया जा रहा है। नदी की भूमि पर अतिक्रमण मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खेत से लेकर निर्माण तक हटाए जा रहे अतिक्रमण नदी के किनारे कई स्थानों पर खेती की जा रही है। इसके अलावा कुछ जगहों पर कच्चे और पक्के निर्माण भी मिले हैं। प्रशासन इन सभी स्थानों की पैमाइश कराकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा है। जहां शिकायतें मिल रही हैं, वहां राजस्व टीमों से विधिवत जांच कराई जा रही है। दो पोकलेन मशीनें दिन-रात करेंगी काम अभियान में तेजी लाने के लिए दो पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं। डीएम ने दोनों मशीनों को दिन-रात काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा के कारण अभियान की गति कुछ प्रभावित हुई थी, लेकिन अब काम में तेजी लाई जाएगी। नदी के पुराने प्रवाह को लौटाने का लक्ष्य प्रशासन का लक्ष्य नदी के पूरे 12.5 किलोमीटर प्रवाह क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कर पुराने स्वरूप में बहाल करना है। शुरुआती हिस्से में पानी दिखाई देने के बाद प्रशासन को उम्मीद है कि बाकी हिस्से का काम पूरा होने पर माहिष्मती नदी का प्राकृतिक प्रवाह भी धीरे-धीरे बहाल हो सकेगा।

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