चैनपुर थाना क्षेत्र के अमांव गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां जहरीले सांप के काटने से चार वर्षीय मासूम की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव निवासी बाबूलाल राम के पुत्र आकांश कुमार (4 वर्ष) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। रविवार की रात आकांश अपने परिवार के साथ घर की छत पर सोया हुआ था। देर रात अचानक बारिश शुरू होने पर परिजन बच्चे को लेकर नीचे कमरे में आ गए और उसे पलंग पर सुला दिया। इसी दौरान कहीं से निकले विषैले करैत सांप ने बेड पर सो रहे आकांश को डस लिया। सांप को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मारा बच्चे के रोने और छटपटाने पर परिजनों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद परिजनों ने घर में छिपे सांप को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला। सांप के डसने के बाद परिजन बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय अंधविश्वास के चलते झाड़-फूंक कराने उत्तर प्रदेश ले गए। वहां स्थिति बिगड़ने पर परिजन सोमवार दोपहर बच्चे को लेकर चैनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुंचे। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में तैनात चिकित्सकों ने जांच के उपरांत बच्चे को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों का कहना है कि सर्पदंश के मामलों में झाड़-फूंक में समय बर्बाद करने के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाना चाहिए, जिससे समय रहते मरीज की जान बचाई जा सके। चैनपुर थाना क्षेत्र के अमांव गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां जहरीले सांप के काटने से चार वर्षीय मासूम की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव निवासी बाबूलाल राम के पुत्र आकांश कुमार (4 वर्ष) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। रविवार की रात आकांश अपने परिवार के साथ घर की छत पर सोया हुआ था। देर रात अचानक बारिश शुरू होने पर परिजन बच्चे को लेकर नीचे कमरे में आ गए और उसे पलंग पर सुला दिया। इसी दौरान कहीं से निकले विषैले करैत सांप ने बेड पर सो रहे आकांश को डस लिया। सांप को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मारा बच्चे के रोने और छटपटाने पर परिजनों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद परिजनों ने घर में छिपे सांप को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला। सांप के डसने के बाद परिजन बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय अंधविश्वास के चलते झाड़-फूंक कराने उत्तर प्रदेश ले गए। वहां स्थिति बिगड़ने पर परिजन सोमवार दोपहर बच्चे को लेकर चैनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुंचे। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में तैनात चिकित्सकों ने जांच के उपरांत बच्चे को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों का कहना है कि सर्पदंश के मामलों में झाड़-फूंक में समय बर्बाद करने के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाना चाहिए, जिससे समय रहते मरीज की जान बचाई जा सके।

