Maharashtra Politics: दिवंगत बीजेपी नेता गोपीनाथ मुंडे के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के दावे के बाद अब राष्ट्रीय समाज पक्ष (RSP) के प्रमुख महादेव जानकर ने इस मामले में बड़ा दावा किया है। भाजपा नीत महायुति गठबंधन के पूर्व सहयोगी रहे जानकर ने कहा कि एक समय गोपीनाथ मुंडे भाजपा के भीतर के दबाव और परिस्थितियों से परेशान थे और कांग्रेस में जाने पर विचार कर रहे थे। हालांकि, उस समय वास्तव में क्या हुआ था, इसकी पूरी जानकारी उनके पास नहीं है। उन्होंने साफ किया कि वह उस समय हुई संबंधित बैठक में मौजूद नहीं थे।
‘मुंडे साहब BJP के रवैये से तंग आ चुके थे’
राष्ट्रीय समाज पक्ष के संस्थापक व अध्यक्ष महादेव जानकर ने कहा कि किसी दिवंगत नेता के बारे में ऐसी बातें करना उचित नहीं है। उन्होंने पृथ्वीराज चव्हाण की भी तारीफ करते हुए कहा कि वह अच्छे व्यक्ति हैं और उनके राजनीतिक जीवन पर भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं है।हालांकि, पूर्व केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे के कांग्रेस में जाने की चर्चा को लेकर उन्होंने कहा कि उस समय मुंडे भाजपा के उत्पीड़न से परेशान थे और कांग्रेस में शामिल होने का विचार उनके मन में चल रहा था।
जानकर ने कहा, “उस समय वास्तव में क्या हुआ, यह मैं निश्चित रूप से नहीं बता सकता, क्योंकि मैं उस बैठक में मौजूद नहीं था। लेकिन इतना जरूर है कि मुंडे साहब बीजेपी से थक चुके थे।”
पृथ्वीराज चव्हाण ने किया था बड़ा दावा
दरअसल, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने हाल ही में दावा किया था कि भाजपा के दिवंगत वरिष्ठ नेता गोपीनाथ मुंडे कांग्रेस में शामिल होने वाले थे। उनके मुताबिक, तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी मुंडे के कांग्रेस में शामिल होने को मंजूरी दे दी थी। लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह मुंडे को कांग्रेस में शामिल करने के पक्ष में नहीं थे। इसी वजह से उनका कांग्रेस में प्रवेश नहीं हो सका।
चव्हाण के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा तेज हो गई थी। गोपीनाथ मुंडे भाजपा के महाराष्ट्र में सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे और पार्टी के संगठन को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।
चव्हाण ने अपने बयान पर दी सफाई
अपने बयान के बाद बवाल बढ़ता देख पृथ्वीराज चव्हाण ने अपनी बात में सुधार करते हुए यू-टर्न लिया। उन्होंने कहा कि संसदीय मर्यादाओं और राजनीतिक परंपराओं के अनुसार पार्टी संगठन में किसी नेता को शामिल करने का अधिकार पार्टी अध्यक्ष का होता है, जबकि सरकार में किसे मंत्री बनाना है यह निर्णय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का होता है। चव्हाण ने स्वीकार किया कि उनसे बयान देने में चूक हुई थी।
महादेव जानकर के बयान से फिर गरमाया मामला
अब महादेव जानकर के बयान ने इस पुराने मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। एक तरफ पृथ्वीराज चव्हाण ने गोपीनाथ मुंडे के कांग्रेस में शामिल होने की संभावित कोशिश का दावा किया था, वहीं जानकर ने भी कहा है कि मुंडे उस समय बीजेपी के भीतर के दबाव से परेशान थे और कांग्रेस में जाने पर विचार कर रहे थे।
बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले महादेव जानकर भाजपा नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन में शामिल हो गए थे, हालांकि कुछ ही महीनों बाद उन्होंने महायुति से नाता तोड़ दिया था।
पंकजा मुंडे ने दावों को बताया ‘झूठ’
वहीं, गोपीनाथ मुंडे की बेटी और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री पंकजा मुंडे ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है। पंकजा मुंडे का कहना है कि उनके पिता की पूरी राजनीति बीजेपी के ‘कमल’ निशान के साथ शुरू हुई और उसी में खत्म हुई। अब उनके दुनिया में न रहने के बाद ऐसी बातें करना सही नहीं है।

