Mal Mein Khoon Aane Ke Karan: मल में खून आने के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। कई बार इसकी वजह बवासीर या गुदा में दरार जैसी सामान्य समस्या होती है, जबकि कुछ मामलों में यह पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। इसलिए मल में खून आने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं, मल में खून आने के संभावित कारण क्या हैं, यह किस तरह दिखाई दे सकता है और किन स्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
मल में खून किस तरह दिखाई दे सकता है?
मल में खून आने के कुछ सामान्य संकेतों में शामिल हैं-
- टॉयलेट पेपर पर चमकीला लाल खून
- मल की बाहरी सतह पर लाल खून
- टॉयलेट के पानी का गुलाबी या लाल दिखाई देना
- मल के साथ खून या खूनी दस्त
- बहुत गहरे रंग का या काला मल
राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, चमकीला लाल रक्त अक्सर गुदा या निचले पाचन तंत्र से रक्तस्राव से जुड़ा हो सकता है, जबकि काला या बहुत गहरा मल पाचन तंत्र के ऊपरी हिस्से से रक्तस्राव का संकेत हो सकता है।
मल में खून आने के सामान्य कारण क्या हो सकते हैं?
मल में खून आने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें बवासीर यानी पाइल्स और एनल फिशर यानी गुदा में दरार प्रमुख कारणों में शामिल हैं। कब्ज के कारण मल सख्त होने पर मल त्याग करते समय गुदा की त्वचा में छोटी दरार बन सकती है। इसे एनल फिशर कहा जाता है। इसमें मल त्याग के दौरान दर्द के साथ चमकीला लाल खून दिखाई दे सकता है। बवासीर में भी चमकीला लाल खून दिखाई दे सकता है। इसके साथ गुदा के आसपास खुजली, दर्द या गांठ जैसी समस्या हो सकती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, बवासीर और एनल फिशर मल में खून आने के सामान्य कारणों में शामिल हैं। हालांकि, हर बार रक्तस्राव को केवल बवासीर मान लेना सही नहीं है।
आंतों की दूसरी समस्याएं भी हो सकती हैं कारण
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, मल में खून आना केवल बवासीर या एनल फिशर की वजह से नहीं होता। आंतों में सूजन, संक्रमण, पॉलीप्स, डायवर्टिकुलर डिजीज और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं भी रक्तस्राव का कारण बन सकती हैं। कुछ मामलों में मल में खून आना आंत या कोलन कैंसर का संकेत भी हो सकता है। इसलिए अगर रक्तस्राव बार-बार हो रहा है या इसके साथ मल त्याग की आदत में बदलाव, वजन कम होना या लगातार थकान जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
चमकीला लाल खून से क्या पता चलता है?
चमकीला लाल खून अक्सर गुदा, मलाशय या निचले पाचन तंत्र से होने वाले रक्तस्राव से जुड़ा हो सकता है। अगर मल त्याग करते समय दर्द के साथ चमकीला लाल खून आता है, खासकर कब्ज या सख्त मल के बाद, तो एनल फिशर इसकी संभावित वजह हो सकती है। वहीं, अगर बिना ज्यादा दर्द के चमकीला लाल खून दिखाई देता है और गुदा के आसपास खुजली या गांठ जैसी समस्या है, तो बवासीर भी इसका कारण हो सकता है।
काला या बहुत गहरा मल भी हो सकता है गंभीर संकेत
मल का काला या बहुत गहरा होना हमेशा रक्तस्राव के कारण नहीं होता। कुछ दवाएं और खाद्य पदार्थ भी मल का रंग गहरा कर सकते हैं। लेकिन काला, चिपचिपा या तारकोल जैसा मल पाचन तंत्र के ऊपरी हिस्से में रक्तस्राव का संकेत भी हो सकता है। इसलिए अगर मल असामान्य रूप से काला दिखाई दे, खासकर इसके साथ पेट दर्द, कमजोरी या चक्कर जैसे लक्षण हों, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
किन लक्षणों के साथ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
अगर मल में खून आने के साथ इनमें से कोई समस्या हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए-
- मल में खून बार-बार आना
- रक्तस्राव लगातार बना रहना
- मल त्याग की आदत में बदलाव
- मल सामान्य से ज्यादा पतला या नरम होना
- पेट में लगातार दर्द या ऐंठन
- पेट में गांठ महसूस होना
- बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना
- सामान्य से ज्यादा थकान महसूस होना
राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के अनुसार, मल में खून के साथ लंबे समय तक मल त्याग की आदत में बदलाव या अन्य असामान्य लक्षण होने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।
बहुत ज्यादा खून आने पर क्या करें?
अगर मल त्याग के दौरान बहुत ज्यादा खून निकल रहा है, रक्तस्राव लगातार हो रहा है या टॉयलेट का पानी पूरी तरह लाल दिखाई दे रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर बड़े रक्त के थक्के दिखाई दें या रक्तस्राव तेजी से हो रहा हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

