सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबाधाम देवघर जा रहे 40 वर्षीय कांवरिया की रविवार सुबह जिलेबिया मोड़ के पास अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान आरा के पीरो थाना क्षेत्र के नोनार गांव निवासी जितेंद्र सिंह (40) पिता स्व. रामपुकार सिंह के रूप में हुई है। बताया गया कि जिलेबियामोड़ की पहाड़ी की सीढ़ियों से गुजरने के दौरान उन्हें अचानक चक्कर आया और वे बेहोश होकर गिर पड़े। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलहर रेफर किया गया। सीएचसी में चिकित्सक ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।प्रथमदृष्टया मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया जा रहा है। मृतक की पत्नी संगीता देवी और 10 वर्षीय पुत्र अंकुश कुमार भी उनके साथ कांवर यात्रा पर थे। पत्नी बिलख रही थी और साथ ही अपने बेटे को ढांढस बंधा रही थी। पत्नी संगीता देवी ने बताया कि वह अपने पति और पुत्र के साथ ग्रामीणों के जत्थे में शुक्रवार को बाबाधाम के लिए घर से निकली थीं। शनिवार को सुल्तानगंज से जल भरने के बाद रवाना हुए थे। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबाधाम देवघर जा रहे 40 वर्षीय कांवरिया की रविवार सुबह जिलेबिया मोड़ के पास अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान आरा के पीरो थाना क्षेत्र के नोनार गांव निवासी जितेंद्र सिंह (40) पिता स्व. रामपुकार सिंह के रूप में हुई है। बताया गया कि जिलेबियामोड़ की पहाड़ी की सीढ़ियों से गुजरने के दौरान उन्हें अचानक चक्कर आया और वे बेहोश होकर गिर पड़े। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलहर रेफर किया गया। सीएचसी में चिकित्सक ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।प्रथमदृष्टया मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया जा रहा है। मृतक की पत्नी संगीता देवी और 10 वर्षीय पुत्र अंकुश कुमार भी उनके साथ कांवर यात्रा पर थे। पत्नी बिलख रही थी और साथ ही अपने बेटे को ढांढस बंधा रही थी। पत्नी संगीता देवी ने बताया कि वह अपने पति और पुत्र के साथ ग्रामीणों के जत्थे में शुक्रवार को बाबाधाम के लिए घर से निकली थीं। शनिवार को सुल्तानगंज से जल भरने के बाद रवाना हुए थे।


