पंजाब के बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों ने मांगों को लेकर बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध की खन्ना स्थित आवास के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। कर्मचारी ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर उन्हें सीधे विभाग के अधीन लाने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों के अनुसार, पंजाब में लगभग 1600 आउटसोर्स कर्मचारी लंबे समय से बिजली विभाग में कार्यरत हैं। वे ठेकेदारी व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं, जबकि उनकी मुख्य मांग है कि इस सिस्टम को खत्म कर उनकी सेवाओं को नियमित किया जाए और उन्हें सीधे विभाग के अधीन लाया जाए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी मांगों पर सरकार और विभाग द्वारा लंबे समय से कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके कारण उन्हें यह विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। उनका कहना है कि वे विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों को संभालते हैं, लेकिन उन्हें नौकरी की सुरक्षा और नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं नहीं मिलतीं। खन्ना पुलिस ने सुरक्षा के किए कड़े इंतजाम कर्मचारियों के मंत्री की कोठी की ओर बढ़ने के ऐलान के बाद खन्ना पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। पुलिस ने कॉलोनी की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग कर दी और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कोठी तक पहुंचने से रोक दिया। कॉलोनी के प्रवेश द्वार के बाहर ही धरना शुरू इसके बाद कर्मचारियों ने कॉलोनी के प्रवेश द्वार के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। उन्होंने घोषणा की कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका यह प्रदर्शन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने एक बार फिर ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर उन्हें बिजली विभाग के अधीन लाने की अपनी मांग दोहराई।


