पानीपत पुलिस की डिटेक्टिव टीम (सीआईए-2) को एक सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शहर और आसपास के इलाकों में बर्फ तोड़ने वाले सुए से हमला कर लूट और हत्या जैसी जघन्य वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत कुल 5 आरोपियों को काबू करने में सफलता हासिल की है। डीएसपी हेडक्वार्टर विकास कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस खूंखार गैंग के दो सदस्यों को पुलिस पहले ही एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार कर चुकी है। पकड़े गए आरोपियों को अदालत में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिनसे गहन पूछताछ जारी है। सुनार चला रहा था खूनी गैंग पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस आपराधिक गिरोह की कमान बालकिशन नाम का एक सुनार संभाल रहा था। बालकिशन ही इस पूरे गैंग का मास्टरमाइंड और सरगना है। गिरोह के सदस्य लूट और छिनैती किए गए सोने के आभूषणों को बालकिशन के पास ही जमा कराते थे, जिसे वह ठिकाने लगाता था और बदले में गिरोह के अन्य सदस्यों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराता था। बर्फ तोड़ने वाले सुए से वार: गिरोह की खौफनाक कार्यप्रणाली डीएसपी विकास कुमार के अनुसार, यह गिरोह बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम देता था। वारदात के वक्त पीड़ितों पर पीछे से हमला करने के लिए ये बदमाश नुकीले हथियार यानी बर्फ तोड़ने वाले सुए का इस्तेमाल करते थे। आरोपियों ने पूछताछ में अब तक की तीन बड़ी वारदातों को कबूला है: 2 दिन का पुलिस रिमांड, कई अन्य वारदातों के खुलासे की उम्मीद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के पांचों सदस्यों को अदालत से 2 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया है। रिमांड अवधि के दौरान पुलिस आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार (सुए), मोटरसाइकिल, लूटा गया सोना, नकदी और लैपटॉप बरामद करने की कोशिश कर रही है। डीएसपी हेडक्वार्टर ने उम्मीद जताई है कि 2 दिनों के रिमांड के दौरान पूछताछ में पानीपत और आसपास के जिलों में हुई स्नेचिंग, लूट और डकैती की कई अन्य अनसुलझी वारदातों का भी बड़ा खुलासा हो सकता है।


