पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश का असर गंगा के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। कानपुर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। घाटों की कई सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। लोगों को गंगा के पानी और डूब चुकी सीढ़ियों के पास जाने से रोक दिया गया है। सीढ़ियों से पहले ही बेरिकेटिंग आनंदेश्वर धाम के किनारे स्थित परमट घाट पर सीढ़ियों से पहले ही बैरिकेडिंग कर दी गई है। पुलिसकर्मियों की तैनाती कर लोगों को बैरिकेडिंग के आगे जाने से रोका जा रहा है। यहां आमजन के लिए सीढ़ियों से नीचे उतरने और गंगा तक पहुंचने पर पूरी तरह रोक है। पुलिस लगातार घाट पर निगरानी कर रही है। गंगा में लगा दिया रस्सा इसके अलावा सरसैया घाट समेत शहर के कई अन्य गंगा घाटों पर भी सुरक्षा के लिए रस्सियां लगाई गई हैं। इनका उद्देश्य लोगों को गंगा की गहराई में जाने से रोकना है। प्रशासन ने सभी घाटों पर बोटिंग पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस के साथ सिविल डिफेंस के जवान भी घाटों पर तैनात किए गए हैं। चेतावनी बिंदु से 72 सेंटीमीटर दूर गंगा शुक्लागंज में रविवार को गंगा का जलस्तर 112.28 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी बिंदु 113 मीटर और खतरे का निशान 114 मीटर है। ऐसे में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 72 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन घाटों पर विशेष निगरानी कर रहा है और लोगों से गंगा के किनारे न जाने की अपील की जा रही है।


